कोविड फिजिशियन के रूप में ड्यूटी के बावजूद उनसे भरी मीटिंग में गैर पेशेवर अंदाज में उल-जलूल सवाल कर सार्वजनिक रूप से उनके सम्मान को ठेस पहुंचाने की कोशिश की गई।
यही नहीं उनकी एसीआर में भी प्रतिकूल प्रविष्टि दर्ज की गई। डॉ. बिष्ट ने अस्पताल की महिला स्वास्थ्य कर्मियों के यौन उत्पीड़न के आरोप के बावजूद प्रमोट कर उन्हें सीएमओ बनाए जाने पर भी एतराज जताया है।
डॉ. बिष्ट का कहना है कि इसी से डॉ. रमोला की मनमानी बढ़ती जा रही है। इसके अलावा भी अन्य कई आरोप लगाए हैं। उधर इस संबंध में डॉ. रमोला ने बताया कि वह वह अभी गांधी शताब्दी अस्पताल से तीन नेत्र रोगियों का ऑपरेशन कर कर लौटे हैं। साथ ही वह अपने काम में जी-जान से जुटे हुए हैं। इसमें अगर किसी को बुरा लगता है तो वह इस बारे में कुछ नहीं कह सकते हैं।