मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि राजनीतिक जीवन में छवि का बड़ा महत्व है। देश के लोगों में उत्तराखंड की छवि देवभूमि की है। लिहाजा, विधायकों का आचरण और चरित्र भी देवभूमि की छवि के अनुरूप होना चाहिए। उन्हें देवभूमि की तरह आचरण करना चाहिए।
मुख्यमंत्री शुक्रवार को विधानसभा के प्रबोधन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। दो दिन तक चले इस कार्यक्रम का समापन हो गया। समापन से पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने राजनीतिक एवं विधायी जीवन के अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के विधायकों की औसत आयु 47 साल है और 30 फीसदी विधायक पहली बार चुनकर आए हैं। वैसे तो विधायक अनुभव से सीखता है लेकिन प्रबोधन कार्यक्रम नव निर्वाचित विधायकों के लिए विशेष अवसर की तरह होता है।
उन्होंने विधायकों को सुझाव दिया कि राजनीतिक जीवन में छवि का बड़ा महत्व है। कई बार विधायक के प्रति धारणा बन जाती है कि उन्हें अहंकार हो गया है। बेशक विधायक ईमानदार हो, मेहनती हो, लेकिन उसके बारे में एक छवि बन गई कि वह किसी काम का नहीं है या वह आदमी तो काम का है, लेकिन उसकी भाषा बहुत खराब है’ तो फिर ऐसी धारणा को तोड़ना उसके लिए मुश्किल हो जाता है।
इसलिए विधायक को अपने आचरण और व्यवहार के प्रति सतर्क रहना चाहिए और लोगों से खुद को जोड़े रखना चाहिए। विधानसभा अध्यक्ष प्रेम चंद अग्रवाल ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने आशा व्यक्त की कि दो दिवसीय प्रबोधन कार्यक्रम से विधायक लाभान्वित हुए होंगे। उन्होंने प्रबोधन कार्यक्रम में विशेष वक्ता के रूप में आए अतिथियों का भी आभार प्रकट किया।