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Dehradun News: 1300 युवाओं से ठगी का मुख्यमंत्री ने लिया संज्ञान, कठोर कार्रवाई के निर्देश

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I सिडको नाम की संस्था पर प्रदेशभर के युवाओं से रजिस्ट्रेशन के नाम पर प्रत्येक से 6100 रुपये ठगने का आरोप
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I पुलिस ने संबंधित खातों को फ्रीज कराया, यूपीआई से भी मांगी जानकारी, दर्जनों बैंक खाते हैं राडार परI
I1300 युवाओं को प्रशिक्षण व अन्य कामों के नाम पर ठगने के मामले का मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने संज्ञान लिया है। उन्होंने पुलिस को सिडको नाम की इस संस्था के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।I
Iइसी क्रम में पुलिस ने कंपनी के संबंधित खातों को फ्रीज कर दिया है। साथ ही ऑनलाइन भुगतान के मामले में खातों की जानकारी यूपीआई से भी मांगी गई है। संस्था के आठ जगहों पर ऑफिस बताए जा रहे हैं। एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि लघु उद्योग विकास परिषद (सिडको) संस्था ने युवाओं से स्वरोजगार और प्रशिक्षण के नाम पर ठगी की है। इसके संबंध में नेहरू कॉलोनी पुलिस को शिकायत मिली थी, जिसमें पुलिस ने अपनी ओर से ही मुकदमा दर्ज कराया है। प्रत्येक युवा से 6100 रुपये लिए गए हैं। संस्था दावा कर रही है कि यह धनराशि वह सरकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार और युवाओं को प्रशिक्षण देने के लिए खर्च की जाएगी।I
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Iपुलिस ने अजबपुर स्थित संस्था के कार्यालय से सभी दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक सामग्री जब्त की है। सभी की जांच की जा रही है। पुलिस ने संस्था के सभी खातों के साथ-साथ एकाउंटेंट के खातों को भी फ्रीज करा दिया है। इसके खातों से अलग-अलग बैंक खातों में लेनदेन हुआ है। इन सभी को फ्रीज कराने की कार्रवाई की जा रही है। अब तक की विवेचना में सिडको एनजीओ बिहार निवासी तीन लोगों के नाम पर रजिस्टर्ड होने की जानकारी मिली है।
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Iसंस्था युवाओं को जोड़कर उनसे दूसरे लोगों को भी अपने साथ जोड़ने के लिए कहती है। इसके लिए उन्हें 400 रुपये प्रति व्यक्ति दिए जाने का प्रलोभन दिया गया है। संस्था के बॉयलॉज की भी जांच की गई है। इसमें काम करने और प्रशिक्षण देने के एवज में भुगतान का कोई उल्लेख नहीं है। इस संस्था का नाम सरकारी विभागों और संस्थाओं जैसा लगता है। इसी के भ्रम में युवा इससे जुड़ रहे थे। इसके संबंध में सभी जानकारियां जुटाई जा रही हैं। अभी तक 1100 से अधिक युवाओं की पहचान हो चुकी है, जिनसे संस्था ने ठगी की है।I
Iसहस्रधारा रोड पर था कार्यालय, जांच की आंच आई तो अजबपुर में आएI
Iवेबसाइट भी बिल्कुल सरकारी जैसी, कई तरह की सेवाएं और प्रशिक्षण के दावेI
Iदिसंबर में रायपुर पुलिस ने बुलाया था संचालकों को, इसके बाद बदल दिया कार्यालयI
Iसिडको नाम की इस संस्था का पहले कार्यालय सहस्रधारा रोड पर स्थित था। इस बीच जब दिसंबर में पुलिस को शिकायत की गई तो संचालकों को थाने बुलाया गया। इसके बाद एकाएक उन्होंने कार्यालय बदलकर अजबपुर में बना लिया। यहां पर बीते छह महीने से संस्था युवाओं को ठगने का काम कर रही थी।I
Iसंस्था ने अपनी वेबसाइट भी इस तरह से बनाई थी कि हर कोई इसे सरकारी वेबसाइट ही समझ बैठता था। इसमें स्वच्छ भारत से लेकर सरकार की तमाम योजनाओं को हूबहू उसी तय फॉर्मेट में लगाया गया था, जिस तरह सरकारी वेबसाइट पर लगाया जाता है। इसी के झांसे में युवा आए और इसके पास रजिस्ट्रेशन कराना शुरू कर दिया। संस्था ने अपने यहां विभिन्न पोस्ट भी निकाली थीं, जिसमें प्रबंधक से लेकर स्थानीय कार्यालय के सहायक के रूप में भर्तियां शामिल हैं।I
Iइसके लिए डायरेक्ट वेबसाइट पर ही विवरण भर दिया जाता है। इसके बाद संबंधित को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाता है। कंपनी ने अपने कार्यालय में जिस तरह की भ्रामक खबरों की कटिंग लगाई थी वह एक नजर में ही फर्जी नजर आती हैं। एक भी प्रतिष्ठित समाचार पत्र या चैनल को इसमें नहीं दिखाया गया था। हालांकि, प्रचार में कोई कमी नहीं थी। बाकायदा मीडिया में भर्तियों के लिए विज्ञापन भी संस्था ने प्रचारित किए थे।I
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Iदेहरादून के लिए नहीं निकाली भर्तीI
Iसंस्था का कार्यालय बेशक देहरादून में था, लेकिन उसने देहरादून के लिए भर्तियां नहीं निकालीं। वह अजबपुर में कार्यालय खोलकर भी अन्य पहाड़ी जनपदों के युवाओं को भी इंटरव्यू के लिए बुलाती थी। ताकि, कोई आसानी से इसकी हरकतों को न पकड़ सके। देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल आदि जिलों को छोड़कर बाकी सभी ज्यादातर जिलों के युवाओं को ठगा है। संस्था ने अपने कार्यालय उत्तर प्रदेश, चंडीगढ़, मध्य प्रदेश में भी खोले हुए हैं। पुलिस इन राज्यों की पुलिस से भी संपर्क कर रही है। ताकि, आरोपियों को पकड़ा जा सके।I
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