छत्तीसगढ़ की गेवरा बनेगी दुनिया की सबसे बड़ी कोयला खदान
अगले साल 70 मिलियन टन उत्पादन का लक्ष्य
छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले से बिशन सिंह बोरा
कोरबा। साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) की प्रमुख गेवरा खदान दुनिया की सबसे बड़ी कोयला उत्पादक खदान बनने की दिशा में तेज़ी से कदम बढ़ा रही है। वर्तमान में एशिया की नंबर-वन और विश्व की दूसरी सबसे बड़ी ओपनकास्ट कोयला खदान का दर्जा प्राप्त गेवरा ने आगामी वर्ष के लिए 70 मिलियन टन वार्षिक कोयला उत्पादन का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है।
गेवरा के महाप्रबंधक संजय मिश्रा ने बताया कि वित्त वर्ष 2023-24 में इस खदान ने लगभग 59.1 मिलियन टन कोयले का रिकॉर्ड उत्पादन दर्ज किया है। देश की ऊर्जा सुरक्षा में इस खदान का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह भारत के कुल कोयला उत्पादन में अकेले लगभग छह प्रतिशत की हिस्सेदारी रखती है। यहाँ से उत्पादित कोयला देश के सात विभिन्न राज्यों के बिजली संयंत्रों और उद्योगों को आपूर्ति किया जाता है।
महाप्रबंधक ने स्पष्ट किया कि उत्पादन क्षमताओं के विस्तार के साथ-साथ खदान में सुरक्षा मानकों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। आधुनिक तकनीक और बेहतर प्रबंधन के बल पर गेलरा आने वाले समय में दुनिया की सबसे बड़ी कोयला उत्पादक खदान के रूप में अपनी पहचान स्थापित करने के लिए पूरी तरह तैयार है। वरिष्ठ प्रबंधक गेवरा शेख मुजाहिद आलम के मुताबिक खदान के लिए इस साल कुछ और भूमि का अधिकरण किया जाना है, इसके लिए अनुमति मिल चुकी है। इसके अलावा खदान में कोयला निकालने के लिए अत्याधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल किया जा रहा है ,कर्मचारियों की सुरक्षा के बारे में उन्होंने बताया इसके लिए रडार एवं अन्य तकनीक के जरिए लगातार निगरानी की जा रही है