उत्तराखंड विद्वत सभा के प्रवक्ता आचार्य विजेंद्र प्रसाद ममगाईं के अनुसार, 18 नवंबर को चतुर्थी के दिन नहाय-खाय मनाया जा रहा है। यह पर्व का पहला दिन है।
19 को पंचमी के दिन खरना होगा, जिसमें लोग दिनभर व्रत रखेंगे। महिलाएं शाम को सात्विक आहार ग्रहण करेंगी। 20 तारीख को छठ (षष्ठी) पूजा होगी, जो मुख्य है। 21 को सप्तमी के दिन उगते सूरज को अर्घ्य दिया जाएगा।
पूजा का समय
- 19 तारीख को षष्ठी रात 09 बजकर 59 मिनट पर शुरू होगी, जो 20 तारीख को रात 09 बजकर 29 मिनट तक रहेगी।
- 20 तारीख को षष्ठी पर सूर्योदय का समय सुबह 06 बजकर 48 मिनट व सूर्यास्त का समय शाम 05 बजकर 26 मिनट रहेगा।