ओएनजीसी में तैनात सीआईएसएफ कर्मी से ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के नाम पर ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ित कर्मी ने आरटीओ को जानकारी देते हुए आरोपी पर कार्रवाई की मांग की। पीड़ित की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए आरटीओ प्रवर्तन सुनील शर्मा के निर्देश पर पुलिसकर्मियों ने आरोपी को दफ्तर से ही दबोच लिया और हाथीबड़कला पुलिस चौकी को सौंप दिया गया।
उधर, आरटीओ प्रवर्तन की ओर से आरोपी के खिलाफ तहरीर भी दी गई है। आरटीओ प्रवर्तन सुनील शर्मा ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि ओएनजीसी में तैनात सीआईएसएफ कर्मी प्रेम सिंह नेगी ने बताया कि अगस्त 2021 में वह अपने बच्चों का ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए आरटीओ कार्यालय आया। जहां मुलाकात रवि रावत से हुई। रवि ने उसे झांसा दिया कि उसे ड्राइविंग लाइसेंस में लगने वाले प्रपत्रों के साथ ही ऑनलाइन आवेदन, फीस जमा करने की पूरी जानकारी है और सारी प्रक्रिया पूरी करने के साथ ही ड्राइविंग लाइसेंस बनवा देगा और पांच हजार रुपये लेगा। रवि रावत के झांसे में आकर पांच हजार रुपये भी दिए। आरोपी ने न तो डीएल बनवाया और न ही रकम लौटाई।
उधर, होशियार सिंह रमोला ने भी आरटीओ प्रवर्तन से शिकायत की कि उसकी गाड़ी की एनओसी बनवाने के नाम पर रवि रावत ने तीन हजार रुपये लिए थे, लेकिन न तो एनओसी दी और न ही रकम लौटाई। आरटीओ प्रवर्तन ने मामले की जांच करने और आरोपी को दबोचने के आदेश जारी किए। इसके बाद दफ्तर में तैनात पुलिसकर्मियों ने आरोपी रवि रावत को दफ्तर में ही दबोच लिया और पुलिस को सौंप दिया। आरटीओ प्रवर्तन ने बताया कि आरोपी के खिलाफ कोतवाली में तहरीर दी गई है। यह पहली बार नहीं है जब वाहन स्वामियों के साथ आरटीओ दफ्तर के बाहर सक्रिय दलालों द्वारा ठगी करने की बात सामने आई है। इससे पहले भी कई लोग ठगी का शिकार हो चुके हैं। पहली बार है जब कार्रवाई की गई है।
कार्रवाई से दलालों में हड़कंप
आरटीओ प्रवर्तन की कार्रवाई से दफ्तर के भीतर व बाहर सक्रिय दलालों में हड़कंप मच गया। कार्रवाई होते देख कई दलाल वाहन स्वामियों के दस्तावेज समेत मौके से फरार हो गए। दलालों के फरार होने के बाद वाहन स्वामी उन्हें ढूंढते नजर आए।