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चौरास पुल मामलाः दो प्रोफेसरों की गिरफ्तारी से IIT में आक्रोश

Wed, 09 Sep 2015 11:19 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, रुड़की
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चौरास पुल टूटने के मामले में आईआईटी के दो प्रोफेसरों की गिरफ्तारी के बाद से प्रबंधन और फैकल्टी में आक्रोश है।
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खुलकर कोई बोलने को तैयार नहीं है, लेकिन पुलिस की कार्रवाई से आईआईटी प्रबंधन और फैकल्टी में आक्रोश है। उनका कहना है कि आईआईटी के किसी प्रोफेसर की इस तरह से गिरफ्तारी कतई उचित नहीं है, वह कोई अपराधी नहीं हैं।

छह सितंबर की शाम को अचानक टिहरी पुलिस की टीम आईआईटी परिसर पहुंची और प्रो. विपुल प्रकाश और सेवानिवृत्त प्रो. वीके गुप्ता को गिरफ्तार कर गाड़ी में बैठाकर चली गई। इस कार्रवाई की न तो आईआईटी प्रबंधन को भनक लगी और न ही सुरक्षा अधिकारियों को। बाद में परिजनों की ओर से जानकारी देने पर सुरक्षा अधिकारी और प्रबंधन हरकत में आया।
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कोतवाली में पहुंचकर उन्होंने पुलिस अधिकारियों से वार्ता कर आपत्ति भी दर्ज कराई। घटना के बाद से न सिर्फ प्रोफेसर के परिजन बल्कि संस्थान कर्मी भी स्तब्ध हैं। साथ ही उनमें आक्रोश है, लेकिन न्यायिक प्रक्रिया के आगे चुप्पी साधे हुए हैं, हालांकि अंदरखाने विरोध की आग भी सुलग रही है और संभव है कि जल्द ही मार्च निकालकर वह विरोध भी दर्ज कराएंगे।

इंजीनियर को अग्रिम जमानत, प्रोफेसर अंदर
लोगों का यह भी कहना है कि चौरास पुल की डिजाइनिंग करने वालों का क्या दोष हो सकता है, अगर उसको मानकों के अनुसार क्रियान्वित न किया गया हो। उनका कहना है कि पुल को बनवाने वाले अभियंता ने तो पहले ही अग्रिम जमानत ले ली, जबकि डिजाइनिंग करने वाले दो प्रोफेसरों को गिरफ्तार कर लिया गया। यह न्यायोचित नहीं है।

परिजन सदमे में
आईआईटी के प्रोफेसर विपुल प्रकाश की गिरफ्तारी से उनके परिजन सदमे में हैं। पूछने पर उन्होंने कुछ भी कहने से इंकार कर दिया। भावुक होकर पत्नी संध्या प्रकाश बोलीं कि कहने को तो बहुत कुछ है, लेकिन अब सब समय के हाथ में है। कहा कि पुलिस की कार्रवाई से पहले हमें इस बारे में किसी भी तरह की कोई सूचना नहीं दी गई थी।

यह कहते हैं विधि के जानकार
पूर्व बार एसोसिएशन के अध्यक्ष और शासकीय अधिवक्ता प्रवीण तोमर का कहना है कि कार्रवाई न्यायिक प्रक्रिया के तहत की गई है। पुलिस के पास कोर्ट से गैर जमानती वारंट था। ऐसे में आईआईटी प्रबंधन या सुरक्षाकर्मियों को जानकारी देने पर कार्रवाई में बाधा हो सकती थी।

जब दूसरे प्रोफेसर की हुई किरकिरी
दो प्रोफेसरों की गिरफ्तारी के मामले में एक चैनल में चल रही खबर देखकर एक प्रोफेसर की किरकिरी हो गई। उनके घर पर रिश्तेदारों और परिचितों के फोन भी आने लगे।
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दरअसल हुआ यह कि गिरफ्तार हुए प्रो. वीके गुप्ता यानी विजय कुमार गुप्ता के नाम राशि के ही दूसरे प्रो. विजय कुमार की फोटो एक राष्ट्रीय चैनल पर प्रसारित की जा रही थी। बाद में उनके परिजनों की ओर से आपत्ति दर्ज कराने पर उनकी फोटो हटाई गई।
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