मंगलवार को भी केदारनाथ में बर्फबारी जारी रही। इसके साथ ही रुद्रप्रयाग में तड़के से शुरू हुई बारिश जारी है। बारिश से बदरीनाथ हाइवे पर कंचनगंगा और रदांग बैंड के पास मार्ग बंद हो गया है। जिस कारण्ा 4000 हजार यात्री जोशीमठ, पांडुकेश्वर और बदरीनाथ में रुके हुए हैं।
भारी बारिश के कारण सोमवार को भी लगातार दूसरे दिन भी पुलिस को बदरीनाथ धाम की तीर्थयात्रा रोकनी पड़ी। लगातार हो रही बारिश को देखते हुए सांय चार बजे पुलिस ने बदरीनाथ, पांडुकेश्वर और जोशीमठ में यात्रा वाहनों को रोक लिया है।
जिससे इन जगहों पर करीब 3500 तीर्थयात्रियों को रोक लिया गया है। सोमवार को सुबह 10 बजे से बदरीनाथ धाम में बारिश शुरू हो गई थी।
जबकि जोशीमठ क्षेत्र में दोपहर बाद बारिश शुरू हुई। जिससे बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग लामबगड़ के समीप भूस्खलन होने से अवरूद्ध हो गया है।
1700 तीर्थयात्री धाम में रुके
इसे देखते हुए बदरीनाथ और जोशीमठ पुलिस ने तीर्थयात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोक लिया है। जोशीमठ में सांय होने तक करीब 90 छोटे बडे़ वाहनों में 15 सौ तीर्थयात्री रूके हुए हैं।
जबकि बदरीनाथ धाम से लौट रहे 17 सौ तीर्थयात्रियों को धाम में ही रोक लिया गया है। थानाध्यक्ष बदरीनाथ मुकेश चौहान ने बताया कि धाम में दिनभर रूक-रूककर बारिश हो रही है।
जिससे यहां ठंड में इजाफा हो गया है। वहीं, थानाध्यक्ष जोशीमठ प्रदीप राठौर ने बताया कि सांय चार बजे जोशीमठ नृसिंह मंदिर के समीप यात्रा वाहनों को बदरीनाथ जाने से रोक लिया गया है। बारिश थमने के बाद मंगलवार सुबह ही यात्रा वाहनों को बदरीनाथ जाने की अनुमति दी जाएगी।
गिर रहा है तापमान
सोमवार को 242 वाहनों से दो हजार 132 तीर्थयात्रियों ने भगवान बदरीनाथ के दर्शन किए। बारिश को देखते हुए कई तीर्थयात्री बदरीनाथ धाम में रात्रि विश्राम करने के बजाय निचले क्षेत्रों को लौट गए हैं।
लगातार हो रही बारिश से धाम के तापमान में खासी गिरावट आ गई है। सोमवार को धाम में न्यूनतम तापमान 3 और अधिकतम सात डिग्री दर्ज किया गया।
केदारनाथ धाम में बर्फबारी जारी
वहीं केदारनाथ धाम में दूसरे दिन भी मौसम खराब रहा। सोमवार को भी बारिश, ओलावृष्टि और बर्फबारी हुई। धाम में पिछले 48 घंटे से मौसम खराब है।
बर्फबारी और बारिश को देखते हुए प्रशासन ने रविवार को यात्रा पर दो दिन के लिए रोक लगा दी थी। इसके बावजूद केदारनाथ पैदल मार्ग पर लिनचोली में रुके 24 श्रद्धालुओं ने बाबा केदार के दर्शन किए।
सभी यात्रियों को दर्शन करने के बाद धाम से नीचे भेज दिया गया। लिनचोली में रुके 152 श्रद्धालुओं को सोमवार को पुलिस दल के साथ सोनप्रयाग भेज दिया गया। मौसम खराब होने और केदारनाथ में हेलीपैड में बर्फ होने के कारण गुप्तकाशी से धाम के लिए कोई चॉपर उड़ान नहीं भर पाया।
रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ
यात्रा पर रोक होने के कारण सोमवार को सोनप्रयाग में यात्रियों का रजिस्ट्रेशन तक नहीं किया गया। शनिवार रात से मौसम खराब होने के कारण रविवार को यात्रा स्थगित कर दिए जाने के कारण सोमवार सुबह छह बजे के बाद सोनप्रयाग चेकपोस्ट पर यात्रियों को रोक दिया गया।
जबकि धाम में फंसे यात्रियों को पैदल मार्ग और चापर से नीचे लाया गया। वहीं रविवार तड़के कुछ यात्री सोनप्रयाग से केदारनाथ के लिए चले गए थे इनमें से कुछ तो गौरीकुंड से वापस आ गए जबकि 24 यात्री धाम से करीब पांच किमी पहले लिनचोली पहुंच गए थे।
रविवार की रात उन्होंने वहीं काटी। ये यात्री सोमवार सुबह खराब मौसम में ही केदारनाथ की ओर चल दिए। उन्होंने दोपहर तक बाबा के दर्शन भी कर लिए।
प्रभारी जिलाधिकारी राहुल गोयल ने बताया कि मौसम को देखते हुए यात्रा को पुन: शुरू करने के संबंध में निर्णय लिया जाएगा। फिलहाल धाम में कोई यात्री नहीं है। यात्रियों का पंजीकरण भी नहीं किया जा रहा है।