फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

उत्तराखंडः चल पड़े श्रद्धालु, कल शुरू होगी चारधाम यात्रा

Mon, 20 Apr 2015 04:39 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, ऋषिकेश
विज्ञापन
विज्ञापन
चारधाम यात्रा की विधिवत शुरुआत 21 अप्रैल को गंगोत्री-यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ होगी। लेकिन आस्था पथ पर श्रद्धालुओं के कदम रविवार से ही बढ़ने लगे।
विज्ञापन


रविवार को महाराष्ट्र से आया 18 सदस्यीय दल निजी ट्रेवल एजेंसी की बस से चारधाम के लिए रवाना हुआ। पूजा-अर्चना के बाद सभी को मालाएं पहनाकर रवाना किया गया। दल में शामिल सभी लोग पहली बार चारधाम यात्रा पर आए हैं।

इनके मन में 2013 की आपदा का कोई खौफ नहीं दिखा। सोमवार को संयुक्त रोटेशन व्यवस्था समिति की चार बसें ऋषिकेश से चारधाम यात्रा के लिए रवाना होंगी। इन बसों में राजस्थान, मध्यप्रदेश के करीब 120 श्रद्धालु जाएंगे।
विज्ञापन


आज रवाना होगी डोली
सोमवार को ओंकारेश्वर मंदिर, ऊखीमठ में विधिवत पूजा-अर्चना के बाद बाबा केदार की उत्सव डोली केदारनाथ की ओर प्रस्थान करेगी। विभिन्न पड़ावों से होते हुए डोली 23 अप्रैल को केदारनाथ धाम पहुंचेगी। 24 अप्रैल को सुबह 8.50 बजे वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ केदारनाथ मंदिर के कपाट खुलेंगे।

मां गंगा की डोली भी शीतकालीन प्रवास स्थल उत्तरकाशी के मुखबा गांव से सोमवार को रवाना होगी। पहले दिन रात्रि विश्राम के लिए डोली भैरोंघाटी स्थित भैरव मंदिर में पहुंचेगी। दूसरे दिन दस बजे डोली गंगोत्री धाम पहुंचेगी।

मंगलवार को साढ़े बारह बजे मां गंगा की डोली की मौजूदगी में गंगोत्री धाम के कपाट खुलेंगे। यमुना की डोली कपाटोद्घाटन के दिन 21 अप्रैल को ही सुबह खरसाली से रवाना होगी।

बदरीनाथ अब बस दो किमी दूर

बदरीनाथ मंदिर परिसर से बर्फ पूरी तरह से हटा दी गई है। देव दर्शनी से मंदिर परिसर तक बर्फ के बीच पैदल रास्ता तैयार कर लिया गया है। आंतरिक मार्गों पर बर्फ गलाने के लिए यूरिया और नमक का छिड़काव किया गया है।

उधर, बदरीनाथ राजमार्ग पर सभी हिमखंडों को काटकर बीआरओ का डोजर कंचन गंगा में पसरे हिमखंड तक पहुंच गया है। अब यहां से बदरीनाथ मात्र दो किमी दूर है। बीआरओ के अधिकारियों ने दावा किया यदि मौसम ने साथ दिया तो 23 अप्रैल तक हाईवे से हिमखंड हटा दिए जाएंगे। बदरीनाथ धाम के कपाट 26 अप्रैल को खुलेंगे।

22 तक केदारनाथ में तैयार हो जाएगी टेंट कॉलोनी
केदारनाथ में एमआई-26 हेलीपैड पर टेंट कॉलोनी दो दिन में तैयार हो जाएगी। हेलीपैड पर 70 से 80 के बीच टेंट लगाए जाने हैं। निम ने 25 टेंट लगा दिए हैं। 24 अप्रैल को केदारनाथ के कपाट खुल रहे हैं।

ऐसे में पुनर्निर्माण कार्य में जुटा नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (निम) हर हाल में टेंट कालोनी सहित अन्य जरूरी कार्यों को प्राथमिकता के तौर पर पूरा करने का प्रयास कर रहा है। निम के मीडिया प्रभारी ने बताया कि धाम में दर्शनों के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को टेंटों में ठहराया जाएगा।

एक टेंट में 10 लोगों के विश्राम के लिए होगा। धाम में क्षतिग्रस्त कॉटेज और हट्स की मरम्मत भी पूरी होने वाली है। हेलीपैड से मंदिर तक बने रास्ते पर आवाजाही शुरू कर दी गई है।
विज्ञापन

न गंगोत्री हाईवे दुरुस्त हुआ, न बहाल हुई बिजली

आपदा से उपजे घावों का इलाज करने में सरकारी सुस्ती के कारण इस साल भी गंगोत्री की राह आसान नहीं होगी। उरेडा के अधिकारी रुद्रगैरा पर बने विद्युतगृह को चालू करके ट्रांसफार्मर चार्ज करने के दावे  कर रहे हैं, लेकिन अभी तक धाम में बिजली नहीं आई है।

उत्तरकाशी से गंगोत्री तक 98 किमी हाईवे का आधे से ज्यादा हिस्सा आपदा के बाद से भूस्खलन प्रभावित है। सुक्की टॉप के लिए राजमार्ग के पांच नालों में अभी यातायात रोककर रपटे बनाने और भूस्खलन रोकने के लिए ब्लाक भरने का काम ही चल रहा है। यहां बीआरओ तथा लोनिवि दोनों एजेंसियां काम कर रही हैं।

थोड़ी सी बारिश में ही यहां दलदली हुई सड़क से गाड़ी पार करना मुश्किल हो जाता है। गंगनानी के पास हल्की बारिश होने पर गाड़ी तो क्या पैदल रास्ता भी नहीं बचता। यही स्थिति मल्ला, नेताला आदि भूधंसाव वाले हिस्सों में भी हैं।

झाला में गंगोत्री हाईवे के क्षतिग्रस्त पुल से ही जुगाड़ कर यातायात चलाया जा रहा है। इधर उरेडा की 150 किलोवाट की गंगोत्री लघु जल विद्युत परियोजना में अभी 50-50 किलोवाट की दो टरबानों को चालू करने की तैयारी का दावा तो किया गया।

लेकिन छह माह से गंगोत्री में बंद पड़े ट्रांसफार्मर एवं बिजली की लाइनों की मरम्मत न होने के कारण अभी बिजली पावर हाउस से गंगोत्री तक नहीं पहुंच पाई है। केदारगंगा की 20 किलोवाट की परियोजना भी अभी चालू नहीं हुई है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें