आपदा के बाद हुए पुनर्निर्माण को उत्तरकाशी जनपद की यमुनोत्री विधानसभा के साथ पुरोला में भी बड़ा मुद्दा माना जा रहा है।
चार धाम यात्रा की कमजोर शुरुआत केवल आपदा प्रभावितों के ही नहीं बल्कि यात्रा से जुड़े कारोबारियों के जख्म हरे कर रही है। यहां भाजपा कांग्रेस की सियासत चार धाम यात्रा पर टिकी है।
तीर्थयात्रियों के कम पहुंचने का ठिकरा क्षेत्रवासी राज्य सरकार पर फोड़ रहे हैं। कांग्रेस के लिए यहां यह दिक्कत है कि चारों धाम के कपाट खुलने के बाद मतदान है। हालांकि जनता की कसौटी पर भाजपा प्रत्याशी राज्यलक्ष्मी की क्षेत्र में सक्रियता मतदान में परखी जाएगी।
सियासत गर्माने लगी
चार धाम यात्रा शुरू होने के साथ उत्तरकाशी की गंगोत्री और पुरोला में सियासत गर्माने लगी है। भाजपा के लिए यहां चिंता का बड़ा विषय कमजोर मोदी लहर के साथ उनके प्रत्याशी की उपस्थिति न के बराबर रहना है।
यमुनोत्री का कपाट खुलते ही लोग जून 2013 की आपदा को याद करने लगे हैं। धाम मार्ग पर बसा एक गांव खरादी आपदा से सर्वाधिक प्रभावित हुआ है।
इस गांव में भूस्खलन से कई मकान बह गए जबकि कई मकान, होटल और दुकानें खतरे में होने के कारण बंद हो गई। यमुनोत्री के किनारे बसे गांव को बचाने के लिए बाढ़ नियंत्रण का कार्य करने के साथ बड़े पुश्तों का निर्माण होना है।
दोबारा मानसून दस्तक देने को
आपदा के 11 माह बाद भी यहां न तो पुश्ते लगे हैं न ही बाढ़ नियंत्रण कार्य हुआ है। दोबारा मानसून दस्तक देने को है। यहां बरसात से पहले पुनर्निर्माण नहीं हुआ तो भारी तबाही हो सकती है। यमुनोत्री के विधायक प्रीतम पंवार की प्रचार में निष्क्रियता भी कांग्रेस के लिए घाटे का सौदा है।
हालांकि यहां केदार सिंह रावत की मजबूत उपस्थिति पार्टी का आधार बनाए हुए है। पुरोला विधानसभा के नौगांव में भी चारधाम यात्रा और आपदा मुद्दा है। यहां विजय बहुगुणा की शनिवार सुबह एक जनसभा है। यहां कांग्रेस की स्थिति आपेक्षाकृत बेहतर दिख रही है। हालांकि पुरोला विधायक मालचंद के अलावा राजकुमार की भाजपा में वापसी माला राज्य लक्ष्मी की चुनावी बढ़त मजबूत कर सकती है।
सर्वाधिक मतदान होता है उत्तरकाशी में
उत्तरकाशी की तीनों विधानसभा सीटों पर राज्य में सर्वाधिक मतदान होता है। विधानसभा चुनाव 2012 में पुरोला में 77 फीसदी मतदान हुआ, यमनोत्री में 71 फीसदी और गंगोत्री में 70 फीसदी मतदान हुआ।
पुरोला से कांग्रेस को टिहरी संसदीय उपचुनाव में साढ़े चार हजार की बढ़त मिली। इससे पहले 2009 में विजय बहुगुणा यहां पीछे रहे, लेकिन 2004 में उनको दो हजार मतों की बढ़त मिली थी। यमनोत्री में भाजपा टिहरी संसदीय उपचुनाव, 2009 और 2004 लोकसभा चुनाव में बढ़त बनाने में कामयाब रही है।
चुनाव में असर दिखेगा
लोकसभा चुनाव को लेकर यमनोत्री में राजनीतिक दलों की सदगर्मियां तो नहीं गर्माई लेकिन जनता चार धाम को लेकर चिंतित है। यहां लोगों का कहना है कि यात्रा में अगर तीर्थयात्रियों की आमद कम रही तो उसका चुनाव में असर दिखेगा।
श्यामचट्टी के पास त्रिखली के प्रमोद सिंह रावत ने कहा कि उनके गांव के पास आपदा में एक भूस्खलन आया, जिसकी रोकथाम के लिए अभी तक कोई कार्य नहीं किया गया। हालांकि प्रमोद भाजपा प्रत्यशी के यहां सक्रिय नहीं होने की बात कह रहे हैं।
यहां यात्रा के चलते हम युवा बाहर नौकरियों के लिए नहीं जाते, लेकिन उसका प्रभावित होना भविष्य की चिंताएं बढ़ा सकता है। खरादी गांव के मदन सिंह ने कहा कि उनका गांव खतरे की जद में है बावजूद इसके पुनर्निर्माण तेज नहीं किया गया। दो माह से सिर्फ मशीनें खड़ी है।
ऐसे में गांव अगली बरसात भगवान भरोसे रहेगा। खिलावन गुसाईं का कहना है कि चार धाम यात्रा के बंदोबस्त समय रहते दुरुस्त कर दिये जाते तो कांग्रेस को फायदा मिलता। जानकी चट्टी के प्रधान रणवीर राण ने कहा कि चुनाव में यात्रा ही सबसे बड़ा मुद्दा है, जिसपर लोग मतदान करेंगे।