माणा गांव के पूर्व ग्राम प्रधान पीतांबर मोल्फा का कहना है कि चारधाम यात्रा नेपाली मूल के मजदूरों के लिए भी बड़ा रोजगार का माध्यम बन चुकी है और यात्रा सीजन में वे इससे लाखों रुपये की आय अर्जित करते हैं।
रिंगाल से बनाई जाती है कंडी
चारधाम यात्रा के दौरान रिंगाल से बनी कंडी श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बनी रहती हैं। जिले के कई गांवों के हस्तशिल्पी पारंपरिक तरीके से कुर्सी के आकार की कंडी तैयार करते हैं, जिसका उपयोग कठिन चढ़ाई वाले मार्गों पर यात्रियों को ले जाने में किया जाता है। कंडी को आरामदायक बनाने के लिए इसमें बैठने हेतु डबल गद्दी लगाई जाती है। वहीं, यात्रा के दौरान श्रद्धालु सुरक्षित रहें और चढ़ाई में नीचे न गिरें, इसके लिए आगे की ओर मजबूत रस्सी भी बांधी जाती है।