बता दें कि कार्तिक माह की अन्नकूट (गोवर्धन पूजा) के दिन मां गंगा की उत्सव डोली अपने शीतकालीन प्रवास मुखबा गांव के लिए रवाना होगी। यात्रा से जुड़े कारोबारी आशीष सेमवाल, विनय उनियाल ने बताया कि सर्दियों में भी यमुना व गंगा के शीतकालीन पड़ाव वाले खरसाली और मुखबा गांव तक यात्रा चालू रखकर देश-विदेश के तीर्थयात्रियों को यहां आकर्षित किया जा सकता है। उस दौरान तीर्थयात्री व पर्यटक यमुना और गंगा की पूजा-अर्चना करने के साथ ही बर्फबारी का नजारा भी देख सकेंगे।
इस यात्राकाल में दोनों धामों में 1402128 तीर्थयात्रियों का आगमन हुआ है। जिनमें यमुनोत्री धाम में आने वाले 644366 और गंगोत्री धाम में आने वाले 757762 तीर्थयात्री शामिल
50 लाख पार हो जाएगा यात्रियों का आंकड़ा
21 अप्रैल तक चारधाम में दर्शन करने वाले कुल श्रद्धालुओं की संख्या 49.30 लाख से अधिक हो चुकी है। वहीं, अब तीनों धामों के कपाट बंद होने तक यह आंकड़ा 50 लाख पार हो जाएगा।