श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए यात्रा मार्गों पर स्थापित पुलिस सहायता डेस्क
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए यात्रा मार्ग पर पुलिस सहायता डेस्क स्थापित किए जाएं। आपदा संभावित क्षेत्रों व ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ड्रोन कैमरों की मदद से निगरानी हो। पुलिस व परिवहन विभाग सघन चैकिंग अभियान चलाकर वाहनों की फिटनेस का विशेष ध्यान रखें।
यातायात प्रबंधन के लिए तीन प्लान तैयार
बैठक में डीजीपी दीपम सेठ ने यात्रा तैयारियों की जानकारी देते हुए बताया कि पिछले साल लगभग 48 लाख श्रद्धालुओं ने सकुशल यात्रा की। इस साल की सुरक्षित और व्यवस्थित यात्रा के लिए 50 थाने, 79 रिपोर्टिंग पुलिस चौकी, 5850 पुलिस बल, 38 सीजनल (अस्थाई) चौकियां रहेगी। यातायात प्रबंधन के लिए तीन प्लान तैयार किए गए हैं। जिन्हें वाहनों के दबाव व जाम की स्थिति को देखते हुए लागू किया जाएगा। पुलिस महानिरीक्षक गढ़वाल रेंज के अधीन चारधाम कंट्रोल रूम की स्थापना की गई है। जिसके प्रभारी एसपी ट्रैफिक देहरादून लोकजीत सिंह रहेंगे। पुलिस महानिरीक्षक अपराध एवं कानून व्यवस्था के अधीन पुलिस मुख्यालय स्तर पर चारधाम सेल गठित किया जाएगा। पूरे यात्रा मार्ग को 15 सुपर जोन, 41 जोन और 137 सेक्टर में बांटा गया है। यात्रा मार्ग पर 54 तंग क्षेत्र, 198 दुर्घटना संभावित स्थल, 49 ब्लैक स्पॉट और 66 लैंड स्लाइडिंग क्षेत्र चिह्नित किए गए। इस साल कुल 130 चिह्नित पार्किंग स्थलों में 43416 छोटे और 7855 बड़े वाहनों के पार्क की व्यवस्था रहेगी।
बैठक में ये रहे मौजूद
बैठक में उपाध्यक्ष अवस्थापना अनुश्रवण परिषद विश्वास डाबर, सचिव शैलेश बगोली, नितेश झा, सचिन कुर्वे, डाॅ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम, डाॅ. पंकज पांडेय, बृजेश कुमार संत, सचिव एवं गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय, एडीजी वी. मुरुगेशन, एपी अंशुमन, आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप, आईजी नीलेश आनंद भरणे समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।