उक्त व्यक्ति ने छह पंजीकरण के लिए ऑनलाइन छह हजार रुपये ट्रासंफर करवाए थे। साथ ही पंजीकरण की पीडीएफ बनाकर उनके मोबाइल पर भेजी थी। शनिवार शाम वह नारसन बॉर्डर पर पहुंचे तो पुलिस ने पंजीकरण की जांच की। जांच में पंजीकरण फर्जी पाया गया। मंगलौर कोतवाली प्रभारी अमरचंद शर्मा ने बताया कि तहरीर के आधार पर अज्ञात के खिलाफ धोखाधड़ी करने का केस दर्ज कर लिया है। साथ ही मोबाइल नंबर के आधार पर आरोपी की पहचान कर तलाश की जा रही है।
श्रद्धालुओं ने झेली परेशानी
पंजीकरण फर्जी पाए जाने पर पुलिस ने पूरी बस को नारसन बॉर्डर पर ही रोक लिया और आगे नहीं जाने दिया। इस बीच बस में सवार श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि, बाद में सभी श्रद्धालुओं के पंजीकरण कराने की प्रक्रिया शुरू की गई। जिसके बाद उन्होंने राहत की सांस ली और पुलिस ने उन्हें आगे के लिए रवाना किया।