पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि चारधाम यात्रा में इस बार रिकॉर्ड तीर्थयात्री पहुंचे हैं। प्रदेश में तीर्थाटन के साथ साहसिक पर्यटन को भी सरकार बढ़ावा दे रही है। आज देश दुनिया के पर्यटक उत्तराखंड के प्रति आकर्षित हो रहे हैं।
बुधवार को दिल्ली के विज्ञान भवन में बालाजी फाउंडेशन की ओर से आयोजित स्वदेश टूरिज्म कॉन्क्लेव में पर्यटन मंत्री महाराज ने उत्तराखंड में पर्यटन गतिविधियों और योजनाओं को गिनाया।
उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा में इस बार रिकॉर्ड श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचे हैं। उत्तराखंड आध्यात्म के साथ योग, पर्यटन और साहसिक पर्यटन के रूप में अपनी पहचान बना रहा है। मसूरी, नैनीताल, देहरादून, ऋषिकेश, हरिद्वार, टिहरी, पौड़ी, चंपावत, हर्षिल, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग और चमोली में बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंच रहे हैं।
उन्होंने कहा कि इस साल अब तक बदरीनाथ में 1514714, केदारनाथ में 1425075, यमुनोत्री में 473395, गंगोत्री में 600140 और हेमकुंड साहिब में 190264 तीर्थ आ चुके हैं। चारधाम समेत हेमकुंड साहिब में अब तक कुल 42 लाख से से भी अधिक श्रद्धालु आ चुके हैं। पर्यटन मंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए वैष्णव, शैव, शाक्त, विवेकानंद, नरसिंह, नवग्रह, गोलज्यू, महासू देवता, गुरुद्वारा और हनुमान सर्किट बनाए हैं। त्रिजुगीनारायण को वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किया जा रहा है।
ये भी पढ़ें...Uttarakhand: मर्तोलिया के कंधे पर अब भर्तियों की जिम्मेदारी, कहा- आयोग पर खोया हुआ युवाओं का भरोसा लौटाऊंगा
प्रदेश व केंद्र सरकार के प्रयासों के बाद नीति घाटी में इनर लाइन में छूट देते हुए बाबा अमरनाथ की तर्ज पर टिंमरसैण महादेव की यात्रा के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। टिहरी झील और औली को साहसिक पर्यटन व ऋषिकेश को वैलनेस सिटी के रूप में विकसित किया जाएगा। स्थानीय लोगों को रोजगार से जोड़ने के लिए प्रदेश में पंडित दीनदयाल होमस्टे योजना चलाई जा रही है। अब तक 4453 होम स्टे पंजीकरण किए जा चुके हैं। कार्यक्रम में केंद्रीय पर्यटन मंत्री जी. किशन रेड्डी, मणिपुर के मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह समेत अन्य राज्यों के मंत्री व अधिकारी मौजूद थे।