केरल में भी रावल क्वारंटीन में ही रहे। ऐसे में रावल का कोरोना संक्रमण टेस्ट कराना पर्याप्त है। फिर भी उनका निरंतर स्वास्थ्य परीक्षण कराया जा सकता है।
महापंचायत का यह भी कहना है कि अगर कोई तरीका नहीं निकलता है तो टिहरी राज परिवार को यह तय करने दिया जाए। टिहरी राजा को यह अधिकार है कि वह आपात समय में व्यवस्था निर्धारित करे।
पूर्व में भी टिहरी राजपरिवार ने ही रावल की परंपरा शुरू की थी। पूर्व में धर्मस्व मंत्री सतपाल महाराज ने भी कहा था कि रावल का कोरोना संक्रमण टेस्ट करा लिया जाए। टेस्ट निगेटिव आता है तो उन्हें पूजा करने दी जाए।