इस दौरान कड़ाई भोग का आयोजन किया गया। कपाट बंद होने के दौरान 10 हजार तीर्थयात्री बदरीनाथ धाम में मौजूद रहे। बदरीनाथ धाम के धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल ने बताया कि आज भगवान बदरीविशाल के कपाट दिनभर श्रद्धालुओं के लिए खुले रहे। मंदिर को गेंदे के फूलों से सजाया गया है।
माता मूर्ति मंदिर के कपाट भी हुए बंद
बदरीनाथ धाम में स्थित माता मूर्ति मंदिर के कपाट भी रविवार को शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए हैं। माता मूर्ति भगवान बदरीनाथ जी की माता हैं। प्रतिवर्ष बामन द्वादशी के पर्व पर भगवान बदरीनाथ अपनी माता से मिलने उनके मंदिर में जाते हैं।
रविवार को माता मूर्ति मंदिर में सुबह छह बजे विशेष पूजाएं आयोजित की गई। दोपहर में दो बजे विधि-विधान से माता मूर्ति मंदिर के कपाट बंद कर दिए गए हैं। अब अगले वर्ष बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने के साथ ही माता मूर्ति मंदिर के कपाट भी श्रद्घालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे।
वन मंत्री ने नृसिंह मंदिर और बदरीनाथ के दर्शन
वन मंत्री हरक सिंह रावत ने शनिवार को जोशीमठ स्थित नृसिंह मंदिर में दर्शन किए। इसके बाद वे बदरीनाथ धाम के लिए रवाना हो गए। वह दोपहर करीब डेढ़ बदरीनाथ मंदिर पहुंचे और दर्शन किए। इस दौरान बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष मोहन प्रसाद थपलियाल, ऋषि प्रसाद सती, भगवती प्रसाद, नितेश चौहान, कुलदीप कठैत सहित कई भाजपा कार्यकर्ता मौजूद थे।