ग्रीष्मकाल में छह माह तक वेद ऋचाओं से गुंजायमान रहने वाले बदरीनाथ धाम में आज से वेद ऋचाओं का वाचन बंद हो गया है। अब यहां दो दिनों तक गुप्त मंत्रों से भगवान बदरीनाथ और अन्य देवी-देवताओं का अभिषेक व पूजा-अर्चना होगी।
17 नवंबर को बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होंगे। आज सुबह पांच बजे बदरीनाथ की अभिषेक और महाअभिषेक पूजा के बाद वेदपाठियों ने वेद पुस्तक, खड़ग पुस्तक, विष्णु सहस्रनाम और भागवत पुराण की पुस्तकें श्री बदरीनाथ धाम के गर्भगृह में स्थापित कीं। इसी के साथ यहां वेद ऋचाओं का वाचन बंद हो गया है।