उत्तराखंड में चमोली जिले में याक पालन को बढ़ावा देने के लिए इस बार बदरीनाथ में 'हिमालयी ऊंट' की सवारी योजना शुरू की जा रही है।
चमोली के पशुपालन विभाग की योजना के अनुसार बदरीनाथ धाम में तीर्थयात्री और पर्यटक इस बार हिमालयी ऊंट यानी याक की सवारी कर हिमालय के नैसर्गिक सौंदर्य के दीदार कर सकेंगे। फिलहाल यात्राकाल में यहां एक याक उपलब्ध कराया जाएगा। यदि यह योजना कारगर रही तो भविष्य में बदरीनाथ धाम में याक की संख्या बढ़ाकर इसे स्थानीय युवाओं को रोजगार से जोड़ा जाएगा।
चमोली के पशुपालन विभाग ने इसे पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लिया है। विभाग की ओर से योजना के संचालन के लिए जोशीमठ क्षेत्र के गणेशनगर निवासी बृजमोहन को याक उपलब्ध कराया गया है। मुख्य पशुपालन अधिकारी डा. लोकेश कुमार का कहना है कि यदि इस वर्ष बदरीनाथ में याक की सवारी योजना सफल रही तो याकों की संख्या बढ़ाकर इसे स्वरोजगार से जोड़ा जाएगा।