तेज बारिश के कारण केदारनाथ की यात्रा तीन घंटे देर से शुरू हुई। प्रशासन की ओर से पूर्वाह्न 11 बजे से सोनप्रयाग से धाम के लिए यात्री रवाना किए गए। दोपहर दो बजे तक 573 श्रद्धालु धाम जा चुके थे।
शनिवार सुबह सात बजे से तेज बारिश के चलते सोनप्रयाग से यात्रियों को पैदल मार्ग से धाम नहीं जाने दिया गया। 10.30 बजे बारिश कम होने के बाद यात्रियों को केदारनाथ के लिए रवाना किया गया। उधर, गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग पर भी दोपहर तक हल्की बारिश होती रही। जिले में कई संपर्क मार्ग बंद होने से ग्रामीणों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
दस घंटे बाद खुला कर्णप्रयाग-ग्वालदम मोटर मार्ग
कर्णप्रयाग-ग्वालदम मोटर मार्ग शनिवार को करीब 10 घंटे बाद खुल पाया। बारिश के कारण मल्यापौड़ में मलबा आने से मार्ग बंद हो गया था। वहीं देवाल-थराली मोटर मार्ग शनिवार को भी नहीं खुल पाया, जबकि देवाल मुंदोली मोटर मार्ग 8 दिन और बेराधार मोटर मार्ग 10 दिनों से बंद है। शुक्रवार रात को भारी बारिश के कारण कर्णप्रयाग-ग्वालदम मोटर मार्ग पर मल्यपौड़ में पहाड़ी से मलबा आ गया था। रात बारह बजे यहां सड़क बंद हो गई, जो शनिवार सुबह दस बजे खुल पाई। वहीं थराली-देवाल मोटर मार्ग चेपड़ों गदेरे और नंदकेशरी के पास बंद रहा। हालांकि लोक निर्माण विभाग नंदकेशरी के पास मलबा हटाने में जुटा हुआ है। लोनिवि के ईई विजय कुमार ने बताया कि सड़कें खोलने के लिए सभी स्थानों पर जेसीबी तैनात हैं, लेकिन लगातार पहाड़ी से मलबा गिरने से परेशानी हो रही है।