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Char Dham Yatra 2020: केदारनाथ यात्रा से लौटीं सात हेली कंपनियां, चार दिन और होगा संचालन

Thu, 12 Nov 2020 09:22 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रुद्रप्रयाग
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- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
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केदारनाथ कपाट बंद होने में मात्र चार दिन शेष हैं ऐसे में हेली कंपनियां भी अब यहां से अपना सामान समेटने लगी हैं। केदारनाथ यात्रा से सात हेली कंपनियां लौट गई हैं जबकि क्रिस्टल और हिमालयन एविएशन की ओर से ही हेलीकॉप्टर सेवा का संचालन किया जा रहा है। इस वर्ष की यात्रा में सिर्फ चार दिन रह गए हैं। 16 को भैयादूज के पावन पर्व पर केदारनाथ के कपाट बंद हो जाएंगे। 

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कोरोना संक्रमण के बीच 29 अप्रैल को केदारनाथ की यात्रा शुरू हुई थी, जबकि 9 अक्तूबर से शासन की ओर से हेलीकॉप्टर सेवा शुरू की गई थी। इस दौरान 9 हेली कंपनियों के हेलीकॉप्टर की ओर से गुप्तकाशी, मैखंडा, बडासू, शेरसी, फाटा से धाम के लिए उड़ान भरी गई।

सहायक नोडल अधिकारी एसएस पंवार ने बताया कि दो दिनों में ऐरो (2 हेलीकॉप्टर), पिनेकल, चिप्सन, पवन हंस, आर्यन और थंबी हेली कंपनी के हेलीकॉप्टर लौट चुके हैं, जबकि क्रिस्टल और हिमालयन एविएशन की सेवा जारी है। 

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केंद्रीय मंत्री निशंक ने किए बदरी-केदार के दर्शन

केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री डा. रमेश पोखरियाल निशंक ने बृहस्पतिवार को बदरी-केदार के दर्शन किए। उनके साथ उनकी बेटी श्रेयशी निशंक और आचार्य महामंडलेश्वर यतींद्रानंद सरस्वती गिरी महाराज भी थे। केंद्रीय मंत्री निशंक ने धाम से देशवासियों को दीपावली पर्व की बधाई दी और केदारनाथ में पुनर्निर्माण कार्यों की जानकारी भी ली। 

केंद्रीय मंत्री डा. रमेश पोखरियाल निशंक सुबह 8.45 बजे केदारनाथ पहुंचे और बाबा केदार के दर्शन कर देश की सुख-समृद्धि की कामना की। उन्होंने केदारनाथ में हो रहे पुनर्निर्माण कार्यों के बारे में प्रशासन व कार्यदायी संस्था वुड स्टोन कस्ट्रक्शन कंपनी के अधिकारियों से जानकारी ली। कार्यदायी संस्था के टीम प्रभारी कैप्टन सोबन सिंह बिष्ट ने बताया कि डा. निशंक ने आदिगुरु शंकराचार्य समाधि स्थल के बारे में जानकारी ली।

वे लगभग डेढ़ घंटे तक धाम में रहे और सवा दस बजे बदरीनाथ के लिए रवाना हो गए। करीब 11:20 पर वह बदरीनाथ मंदिर पहुंचे और दर्शन किए। मंदिर के धर्माधिकारी भुवनचंद्र उनियाल और देवस्थानम बोर्ड के बदरीनाथ प्रभारी अधिकारी विपिन तिवारी, सहायक मंदिर अधिकारी राजेंद्र चौहान ने उनका स्वागत किया। उन्होंने देवस्थानम बोर्ड के अधिकारियों के साथ बदरीश वन के संरक्षण को लेकर चर्चा की।

उन्होंने कहा कि यहां ऐसी योजना बने, जिससे सभी विशिष्टजन बदरीश वन में पौधरोपण करें। इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ अच्छा संदेश भी जाएगा। उन्होंने क्षेत्र में संस्कृत विश्वविद्यालय, आयुर्वेदिक विश्वविद्यालय पर भी चर्चा की। बदरीनाथ मंदिर में करीब 25 मिनट तक पूजा में शामिल होने के बाद वह लौट गए। इस दौरान एसडीएम जोशीमठ अनिल चनियाल, थाना प्रभारी सतेंद्र सिंह, पंडित  विपुल डिमरी, सांसद प्रतिनिधि किशोर पंवार और नगर पंचायत अध्यक्ष अरविंद शर्मा मौजूद रहे।
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