गंगोत्री धाम में धरने पर बैठे तीर्थ पुरोहित
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हर्षिल के होटल व्यवसायी माधवेंद्र रावत ने बताया कि उपला टकनौर क्षेत्र के यात्रा कारोबारी कोरोना संक्रमण खत्म होने से पहले यात्रा शुरू करने के पक्ष में नहीं हैं। इसलिए आजकल यहां आ रहे यात्रियों को यहां ठहरने नहीं दिया जा रहा है। गंगोत्री मंदिर समिति के अध्यक्ष पं. सुरेश सेमवाल ने कहा कि सरकार द्वारा गुमराह किए जाने पर कुछेक स्थानीय यात्री धाम पहुंच रहे हैं, लेकिन तीर्थपुरोहित इनसे दूरी बनाए हुए हैं। जिससे धार्मिक कर्म नहीं हो पा रहे हैं। सरकार दिखावे भर के लिए यात्रा शुरू करने का ढोंग कर रही है। इससे यात्रा कारोबार को कोई लाभ नहीं होने वाला है।
तीर्थ पुरोहितों का धरना आंदोलन जारी
देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड और कोरोना महामारी के बीच चारधाम यात्रा शुरू करने के विरोध में गंगोत्री धाम एवं मुखबा गांव के साथ ही यमुना के शीतकालीन पड़ाव खरसाली में तीर्थ पुरोहितों का धरना आंदोलन बृहस्पतिवार को भी जारी रहा। खरसाली में भागेश्वर उनियाल, प्रह्लाद उनियाल, मोतीराम उनियाल, पुरुषोत्तम उनियाल, मनमोहन उनियाल, प्यारेलाल उनियाल आदि धरने पर बैठे। जबकि गंगोत्री में राकेश सेमवाल, प्रेमवल्लभ, गोवर्द्धन, विष्णु, राजेश सेमवाल, विवेकानंद, कमल, गोविंदराम तथा मुखबा में सुधांशु सेमवाल, संपूर्णानंद, सुमेश, सोनू सेमवाल आदि तीर्थ पुरोहितों ने धरना दिया। तीर्थ पुरोहितों ने देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड रद्द करने तथा कोरोना संक्रमण थमने तक चारधाम यात्रा स्थगित करने की मांग की।