बदरीनाथ हाईवे बुधवार को भी करीब दो घंटे तक क्षेत्रपाल में मलबा और बोल्डर आने से बंद रहा। बिरही में हाईवे पर करीब पंद्रह मीटर पुश्ता क्षतिग्रस्त होने से वाहनों की आवाजाही मुश्किल से हो रही है।
बदरीनाथ हाईवे भारी बारिश और भूस्खलन से बाजपुर, मैठाणा, कुहेड़, क्षेत्रपाल, बिरही, लामबगड़, गौचर और लंगासू में खस्ताहालत में पहुंच गया है। बिरही, लंगासू और लामबगड़ में बारिश होने से मलबा दलदल में तब्दील हो गया है।
इससे वहां वाहनों के टायर फंस रहे हैं। क्षेत्रपाल में हाईवे के करीब पचास मीटर हिस्से में हिल साइड से भूस्खलन हो रहा है। धूप में भी पहाड़ी से मलबा हाईवे पर आ रहा है। वहीं, चमोली जिले में करीब 30 संपर्क मार्ग बंद पड़े हैं। इससे ग्रामीणों को आवाजाही में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
भूस्खलन से गंगोत्री व यमुनोत्री हाईवे समेत कई मार्गों के बंद होने व खुलने का सिलसिला जारी है। बुधवार सुबह आठ बजे बंदरकोट और गंगनानी क्षेत्र में भारी भूस्खलन होने से गंगोत्री हाईवे बंद हो गया था। जगह-जगह वाहनों के फंसने से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी। बीआरओ कर्मचारियों ने बंदरकोट में दोपहर दो बजे और गंगनानी में शाम पांच बजे तक मलबा हटाकर हाईवे को सुचारु कर दिया गया।
वहीं ओजरी डबरकोट व रानाचट्टी के निकट हुए भूस्खलन से यमुनोत्री हाईवे भी मंगलवार देर रात बंद हो गया, जिसे एनएच ने बुधवार सुबह साढ़े ग्यारह बजे तक खोल दिया गया था। बुधवार शाम करीब पांच बजे दोबारा भूस्खलन होने से हाईवे फिर बंद हो गया। वहीं 20 अगस्त से बंद पड़े कुनसाला-कुपड़ा मार्ग पर अभी तक यातायात बहाल नहीं हो सका है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल ने बताया कि मौसम ठीक होते ही मार्ग सुचारु कर दिया जाएगा।