उन्होंने कहा कि बस अड्डे से लेकर माणा रोड तक बिजली की भूमिगत लाइन बिछाने के लिए खोदे गए गड्ढों को जल्द भरने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि पहली बार हेमकुंड साहिब के प्रवेश द्वार गोविंदघाट में छह सीसीटीवी कैमरे और यात्रा के प्रमुख पड़ाव घांघरिया में भी दो कैमरे लगाए जाएंगे।
चमोली पुलिस प्रशासन की ओर से बदरीनाथ हाईवे पर 36 डेंजर जोन चिह्नित किए गए हैं। प्रत्येक डेंजर जोन पर पुलिस के जवानों के साथ ही एनएच की ओर से एक जेसीबी तैनात की जाएगी। पुलिस प्रशासन की ओर से एनएच के अधिकारियों को डेंजर जोन पर क्रैश बैरियर और स्टील गार्डर लगाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
हाईवे पर लामबगड़, हाथी पहाड़, टैय्या पुल, पिनोला, पागल नाला, पाताल गंगा, चमोली चाड़ा, बिरही, पुरसाड़ी, बाजपुर, सोनला, देवलीबगड़ के साथ ही 36 डेंजर जोन भी चिह्नित किए गए हैं। पुलिस अधीक्षक यशवंत सिंह चौहान ने कहा कि हाईवे के संवेदनशील स्थानों पर हेल्प लाइन नंबर लिखे साइन बोर्ड भी स्थापित किए जाएंगे।
चारधाम यात्रा के दौरान ऋषिकेश बस स्टैंड पर मौसम का लाइव अपडेट चलेगा। यहां मौसम विभाग की ओर से एक बड़ी एलईडी स्क्रीन लगाई जाएगी, जहां से यात्री मौसम का हाल जानकर अपनी यात्रा जारी रखने या रोकने का निर्णय ले सकते हैं। इसके साथ ही इस बस स्टैंड पर 24 घंटे यात्रियों के लिए डॉक्टरों और फार्मेसिस्टों की तैनाती रहेगी।
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी दीपशिखा ने बताया कि ऋषिकेश बस स्टैंड परिसर में यात्रा नियंत्रण कक्ष स्थापित हो चुका है। यहां लगी बड़ी स्क्रीन पर मौसम के लाइव अपडेट के साथ ही मार्ग पर भूस्खलन और अन्य गतिरोध की जानकारी भी मिलेगी। यात्रियों के मोबाइल नंबर पंजीकृत कर उन्हें समय समय पर अपडेट एसएमएस के जरिए भी सूचनाएं भेजी जाएंगी।
लंच के समय भी मिलेंगे डॉक्टर
आमतौर पर लंच के चिकित्सक व अन्य स्टाफ नहीं मिलता है। लेकिन, नियंत्रण कक्ष में ऐसा नहीं होगा। यहां तैनात डॉक्टर व अन्य स्टाफ लंच के समय भी अन्य कार्मिकों को जिम्मेदारी सौंपकर ब्रेक पर जाएंगे। इसके लिए 24 घंटे में तीन शिफ्ट में तैनाती होगी और बाकी चिकित्सक लंच व रात्रि भोजन के ब्रेक के समय भी उपलब्ध होंगे।
एयर एंबुलेंस से ऋषिकेश एम्स लाए जाएंगे मरीज व घायल
यात्रा मार्ग पर असमय दुर्घटना का शिकार होने वाले और बीमार यात्रियों को एयर एंबुलेंस से ऋषिकेश एम्स पहुंचाया जाएगा। इसके तहत एयर एंबुलेंस मरीजों को आईडीपीएल हैलीपैड पर छोड़ेगी और वहां से सड़क मार्ग से एम्स पहुंचेंगे। जबकि, मसूरी वाले सड़क मार्ग से लाए जाने वाले मरीजों को दून अस्पताल में लाया जाएगा। इसके लिए निर्देश गढ़वाल आयुक्त ने निर्देश जारी कर दिए हैं।