-रात सवा दो बजे-मंदिर कर्मचारी ड्यूटी पर तैनात।
-रात सवा तीन बजे- बदरीविशाल के दक्षिण द्वार से भगवान कुबेर जी का प्रवेश।
-3 से 3.30 बजे- विशिष्ट व्यक्तियों का गेट नंबर तीन से मंदिर में प्रवेश।
-तड़के 3.45 बजे- रावल जी, धर्माधिकारी व वेदपाठियों का उद्धव जी के साथ मंदिर में प्रवेश।
-तड़के 3.40 बजे- रावल और धर्माधिकारियों द्वारा द्वार पूजन।
-सुबह 4 बजकर 15 मिनट- श्रद्धालुओं के लिए बदरीनाथ धाम के खुले कपाट
-पूर्वाह्न ग्यारह बजे से गर्भगृह में भगवान बदरीनाथ की पूजाएं होंगी शुरू।
बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष मोहन प्रसाद थपलियाल ने कहा कि बदरी-केदार दर्शन को आने वाले श्रद्घालुओं के लिए बीकेटीसी के अतिथि गृहों और धर्मशालाओं को हाईटेक किया गया है। निर्धन और असहाय तीर्थयात्रियों के लिए निशुल्क आवासीय व्यवस्था होगी।
बदरीनाथ में ऐसे निर्धन तीर्थयात्रियों को भोजन भी निशुल्क उपलब्ध कराया जाएगा। शुद्ध पेयजल के लिए मंदिर समिति के अतिथि गृहों में आरओ लगाए गए हैं, जहां गरम और ठंडा पानी दिया जाएगा। बदरीनाथ और केदारनाथ में दर्शन के लिए लाइन में लगे यात्रियों को कॉफी और चाय दी जाएगी।
लामबगड़ में जल पुलिस भी रहेगी तैनात
बदरीनाथ हाईवे पर भूस्खलन का खतरा टला नहीं है। लामबगड़ गदेरे में हाईवे बेहद खतरनाक बना हुआ है। हालांकि भूस्खलन जोन का ट्रीटमेंट कार्य भी जोरों पर है, लेकिन तीर्थयात्रियों को यहां बेहद सावधानी के आगे बढ़ना होगा। मौसम खराब होने पर लामबगड़, हाथी पर्वत और बैनाकुली में एसडीआरएफ की टीमें तैनात रहेंगी। लामबगड़ में तीर्थयात्रियों की मदद को जल पुलिस भी तैनात की गई है।