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उत्तरांखड में बारिश का कहर जारी, पांचवें दिन भी बंद रहा बदरीनाथ हाईवे

Tue, 28 Aug 2018 12:01 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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badrinath highway
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बदरीनाथ हाईवे पांचवें दिन भी लामबगड़ में बंद पड़ा हुआ है। केदारनाथ यात्रा सुचारु है। रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड, ऋषिकेश-बदरीनाथ व ऊखीमठ-गोपेश्वर राजमार्ग पर यातायात जारी है। रुद्रप्रयाग जनपद में 7 संपर्क मार्ग बंद पड़े हुए हैं।

 

मंगलवार को सुबह करीब 11 बजकर 15 मिनट पर राजधानी देहरादून में झमाझम बारिश शुरू हो गई। राजधानी देहरादून समेत प्रदेश के ज्यादातर इलाकों में मंगलवार को सुबह से बादल छाए रहे। मौसम विभाग के अनुसार अधिकांश क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश भी हो सकती है। मौसम केंद्र प्रभारी बिक्रम सिंह ने बताया कि पूरे दिन में एक से दो दौर की बारिश हो सकती है। 

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बदरीनाथ हाईवे पांचवें दिन भी लामबगड़ में बंद पड़ा हुआ है। 

नहीं खुला बैराटखाई मोटर मार्ग, 40 से अधिक गांवों का संपर्क है कटा 

बैराटखाई मोटर मार्ग - फोटो : amar ujala
कालसी में कोथी बौंदी के पास बैराटखाई मोटर मार्ग पर भारी मात्रा में मलबा आने से सोमवार को भी आवाजाही ठप रही। मलबा नहीं हटने से 40 से अधिक गांवों का संपर्क ब्लॉक मुख्यालय से कट हुआ है। इसके चलते क्षेत्र के लोगों को कालसी पहुंचने के लिए वाया साहिया सफर करना पड़ रहा है। 

बता दें, दो दिन पहले क्षेत्र में हुई झमाझम बारिश के दौरान बैराटखाई मोटर मार्ग पर कोथी बौंदी के पास भारी मात्रा में मलबा आने से सड़क किनारे बनी क्रश वॉल धराशायी हो गई थी। इसके चलते इस मोटर मार्ग से जुड़े कोथी बौंदी, खतार, खंडी, बेसोगीलानी, बिजऊ, थैना, बैराटखाई, नागथात, दुईना, मुंशी समेत 40 से अधिक गांवों की आबादी मुख्यालय से कटी हुई है।  सोमवार को भी मलबा की समस्या से निजात नहीं मिली है। हालांकि मार्ग खोलने के लिए दो जेसीबी, दो ट्रैक्टर-ट्राली और छह मजदूरों की टीम दिनभर जुटी रहीं।

ऐसे में इन क्षेत्रों के लोगों को कालसी पहुंचने के लिए वाया साहिया समेत अन्य खतरनाक रास्तों से सफर करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार बैराटखाई मोटर मार्ग पर लगातार पहाड़ी के दरकने का सिलसिला जारी है। काश्तकार शशिपाल तोमर, मोहर सिंह तोमर, इंदर सिंह नेगी, कृपाल सिंह, सरदार सिंह, चमन सिंह, गजेंद्र तोमर, नारायण सिंह का कहना है कि फसल बेचने के लिए वाया साहिया होकर बाजार चाने में दोगुना किराया चुकाना पड़ रहा है। इससे फसलों का वाजिब दाम नहीं मिल पा रहा है। इन दिनों क्षेत्र में टमाटर, अदरक, मूली, हरी मिर्च की बंपर पैदावार हो रही है, लेकिन सड़क बंद होने से फसल मंडी तक पहुंचाने में काफी मशक्कत करनी पड़ रही है।
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अगस्त में सामान्य से अधिक बरसे बदरा 

rain
अगस्त में हुई झमाझम बारिश ने पिछले तीन वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। चंपावत, बागेश्वर और नैनीताल में मूसलाधार बारिश हुई है, जबकि पिथौरागढ़, अल्मोड़ा और ऊधमसिंह नगर में सामान्य से कम बदरा बरसे हैं।

वर्ष 2015 में बदरा कम बरसे थे। सामान्य से कम ही बारिश सभी छह जिलों में हुई थी, जबकि इस बार मानसून सामान्य रहने के कारण बदरा झमकर बरस रहे हैं।  राज्य मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक विक्र्रम सिंह का कहना है कि कुमाऊं में अभी और अच्छी बारिश होगी। 

अगस्त में हुई बारिश का वर्षवार विवरण   
जिला                                 वर्ष 15   वर्ष 16  वर्ष 17    वर्ष 18 (27 अगस्त तक)
पिथौरागढ़ (सामान्य बारिश 539)      266     326     532        459.6        
अल्मोड़ा  (सामान्य बारिश 277)      177     232     197        229.7      
बागेश्वर (सामान्य बारिश 277)        218     262      298       545.7  
ऊधमसिंह नगर (सामान्य बारिश 366) 248     117     302        290.6   
नैनीताल (सामान्य बारिश 458)        388     420     507        524.9  
चंपावत (सामान्य बारिश 406)         349     225     412        528.5
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