चारधाम यात्रा के दौरान इस बार हेली सर्विस के टिकटों की बुकिंग ऑनलाइन ही की जाएगी। टिकटों की कालाबाजारी रोकने के लिए सरकार ने यह निर्णय लिया है।
पर्यटन विभाग के प्रस्ताव पर नागरिक उड्डयन विभाग की सहमति के बाद अब इसके क्रियान्वयन की तैयारी शुरू की जा रही है। हेली सर्विस के टिकटों की बुकिंग का काम सेंट्रलाइज करने पर सरकार का जोर है। यह काम गढ़वाल मंडल विकास निगम (जीएमवीएन) और उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूकाडा) में से किसी एक को दिया जाएगा। इस संबंध में अभी कोई निर्णय नहीं हुआ है।
चारधाम यात्रा के दौरान हर बार हेली सर्विस के टिकटों की कालाबाजारी का मामला सुर्खियों में रहता आया है। इसे रोकने के लिए पर्यटन विभाग ने पहल की है। पर्यटन सचिव और आयुक्त गढ़वाल दिलीप जावलकर के अनुसार, दोनों संबंधित विभागों के बीच इस मामले में चर्चा के बाद सहमति बन गई है। उन्होंने बताया कि 20 से 22 हेली सर्विस कंपनियां चारधाम यात्रा के दौरान अपनी सेवाएं देती हैं। अक्सर शिकायतें ओवर रेटिंग के संबंध में रहती हैं। इसे देखते हुए इस बार ऑनलाइन बुकिंग की ही व्यवस्था रखने का निर्णय लिया गया है।
ऑनलाइन बुकिंग सिंगल पोर्टल पर उपलब्ध होगी। इसके अलावा, किसी एक स्थान पर सभी सेवा प्रदाता कंपनियों के काउंटर लगाए जाने की व्यवस्था की जाएगी। ऑनलाइन बुकिंग का काम जीएमवीएन या यूकाडा में से किसी को दिया जाएगा। इधर, पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज की अध्यक्षता में आयोजित चारधाम यात्रा की समीक्षा बैठक में भी यह मामला आया। पर्यटन मंत्री ने निर्देश दिए कि कालाबाजारी रोकने के लिए इस बार जो भी जरूरी उपाय हैं, वे सब किए जाने चाहिए। हेली सर्विस के टिकटों में कालाबाजारी की शिकायतों पर उन्होंने चिंता जाहिर की।