इस बीच कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप पर चिंता जाहिर करते हुए मंदिर समिति के पदाधिकारियों ने 14 तारीख के बाद कपाटोद्घाटन समारोह की रणनीति बनाने का निर्णय लिया।
उन्होंने कहा कि अगर लॉकडाउन के बाद भी हालात नहीं सुधरे तो केवल मंदिर के पुजारी व समिति के सदस्य ही डोली यात्रा में शामिल होंगे। हालांकि इस संबंध में प्रशासन से चर्चा करने के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा। बैठक में अरुण सेमवाल, दीपक सेमवाल, प्रेम वल्लभ सेमवाल, राकेश सेमवाल, अमरीश सेमवाल, संजय सेमवाल आदि तीर्थपुरोहित शामिल रहे।
उधर, यमुनोत्री धाम के कपाट भी 26 अप्रैल को खोले जाएंगे। हालांकि तीर्थपुरोहित आशुतोष उनियाल ने बताया कि यमुनोत्री धाम के कपाटोद्घाटन की तिथि व समय की आधिकारिक घोषणा आगामी 31
मार्च को यमुना जयंती के अवसर पर की जाएगी।