लंढौरा बवाल को लेकर कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन के समर्थन में बृहस्पतिवार को प्रस्तावित महापंचायत रोकने के लिए पुलिस प्रशासन ने पूरी ताकत झोंक दी। बिना अनुमति आयोजन की तैयारी पर पुलिस ने लक्सर के गंगनौली में तंबू व सामान जब्त कर लिया।
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मैदान पर डेरा डालकर आस पास के इलाकों में पुलिस व पीएसी के अलावा आईटीबीपी को तैनात किया गया है। वहीं प्रस्तावित महापंचायत से शांतिभंग की संभावना पर रुड़की में चैंपियन व समर्थकों सहित कुल सात लोगों के खिलाफ मुचलके पाबंद कर दिए गए। महापंचायत से पहले चैंपियन की गिरफ्तारी भी हो सकती है।
लंढौरा में एक जून को हुए बवाल के बाद कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन के समर्थक बृहस्पतिवार यानि नौ जून को लक्सर के गंगनौली गांव में महापंचायत करना चाहते हैं। जिसमें हरिद्वार जनपद सहित वेस्ट यूपी के कई जिलों से गुर्जर बिरादरी व अन्य समाज के लोगों को आमंत्रित किया गया है।
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तैयारियों में जुटे समर्थक, क्षेत्र में पीएसी और ITBP तैनात
क्षेत्र में पीएसी और आईटीबीपी तैनात कर दी गई है।
- फोटो : अमरउजाला
बुधवार को बिना अनुमति ही महापंचायत की तैयारियां शुरू कर दी गई। चैंपियन के समर्थक महापंचायत के लिए तंबू आदि सामान व मजदूरों को लेकर गंगनौली की तरफ रवाना हुए। लंढौरा बवाल के बाद पहले ही लक्सर, रुड़की, हरिद्वार व भगवानपुर तहसील में धारा 144 लागू है।
ऐसे में महापंचायत की तैयारियों की सूचना पर लक्सर एसडीएम किशन सिंह नेगी व सीओ डीएस रावत मय फोर्स मौके पर पहुंचे और नियामतपुर के पास समर्थकों को रोककर तंबू आदि सामान जब्त कर दिया।
कुछ मजदूरों को भी हिरासत में ले लिया। इसके बाद मैदान पर फोर्स ने डेरा डाल लिया। महापंचायत को लेकर भीड़ लक्सर न पहुंच पाए, इसके लिए भारी संख्या में पुलिस बल के अलावा पीएसी और आईटीबीपी की एक-एक कंपनी तैनात कर दी गई।
इधर, रुड़की में कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन, समर्थक नवनीत शर्मा, अरशद चेयरमैन सहित कुल सात लोगों के खिलाफ मुचलके पाबंद कर लिए गए। वहीं महापंचायत को लेकर खुफिया विभाग भी अलर्ट है। आला अधिकारी पल-पल की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। सूत्र बताते हैं कि महापंचायत से पहले चैंपियन की गिरफ्तारी भी हो सकती है।
महापंचायत की तैयारी के लिए चुनी विवादित भूमि
चैंिननियन
- फोटो : अमर उजाला
प्रणव चैंपियन के समर्थक बृहस्पतिवार को जिस मैदान पर महापंचायत करने की जिद पर अड़े हैं, वह विवादित है। भूमि पर जहां टीआईडीसी फैक्ट्री अपना मालिकाना हक जता रही है, वहीं प्रशासन इसे सरकारी भूमि बता रहा है। जबकि महापंचायत की अनुमति न कंपनी और न प्रशासन से ली गई है।
टीआईडीसी कंपनी के मैनेजर प्रंशात चांद का कहना है कि भूमि पर किसी भी प्रकार का सम्मलेन आदि करने की अनुमति फैक्ट्री से नहीं ली गई है। अचानक ही भूमि पर सामान लाकर महापंचायत की तैयारी की गई है।
वहीं लक्सर एसडीएम किशन सिंह नेगी का कहना है कि टीआईडीसी ने यह जमीन फैक्ट्री बनाने को लेकर खरीदी थी। लेकिन वह निर्धारित समय में जमीन पर फैक्ट्री का काम शुरू नहीं कर पाए है। जिसके चलते जमीन को पिछले दिनों राज्य में निहित कर लिया था।
महापंचायत की तैयारियां रोकने पहुंची पुलिस ने मैदान पर काम कर रहे मजदूरों को हिरासत में ले लिया। जबकि अपने सामने तैयारियां करा रहे समर्थकों से सिर्फ वार्तालाप ही चलता रहा। हालांकि कुछ देर बाद ही मजदूरों को भी छोड़ दिया गया।
लक्सर व खानपुर में फ्लैग मार्च
पुलिस ने महापंचायत रोकने के लिए लक्सर व खानपुर क्षेत्र में पीएसी व आईटीबीपी के जवानों के साथ फ्लैग मार्च किया। इस दौरान अधिकारियों ने किसी भी सम्मेलन व पंचायत में न पहुंचने की लोगों से अपील की।
बोले एसएसपी
लंढौरा बवाल के बाद धारा 144 लागू है, बिना अनुमति महापंचायत किसी सूरत नहीं होने दी जाएगी। जिले का माहौल बिगाड़ने वालों के खिलाफ रासुका के तहत कार्रवाई होगी।
-राजीव स्वरूप, एसएसपी हरिद्वार