नेशनल स्कूल बॉक्सिंग चैंपियनशिप में देशभर के खिलाड़ी अपने मुक्कों का दम दिखाने को तैयार हैं। दून के पवेलियन मैदान में 4 दिसंबर (सोमवार) से शुरू हुई 63वीं राष्ट्रीय विद्यालयी अंडर-17 बालक-बालिका बॉक्सिंग चैंपियनशिप में इस बार पदकों के लिए जबरदस्त जोर-आजमाइश देखने को मिल रही है। अधिकांश खिलाड़ी अपनी बॉउट जीतने पर फोकस कर रहे हैं। वहीं कई खिलाड़ी ऐसे हैं, जिनकी नजर गोल्ड मेडल पर है। पिछले वर्षों के दौरान नेशनल चैंपियनशिप जीतने वाले अधिकांश खिलाड़ी गोल्ड जीतने को लेकर कोई कोर कसर नहीं छोड़ना चाहते हैं। फिलहाल इन चैंपियंस की ऐज और वेट कैटेगरी तो बदल चुकी है, लेकिन जीतने का जज्बा अब भी पहले जैसा ही है।
पांच बार की नेशनल चैंपियन
लिटिल एंजल स्कूल सोनीपत में 10वीं कक्षा की छात्रा योगिता पांच बार की नेशनल चैंपियन हैं। मूलत: हिसार निवासी योगिता ने पिछले वर्ष हुई चैंपियनशिप में 50 किग्रा में गोल्ड जीता था। शानदार खेल के दम पर वह अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए जगह बनाने में कामयाब रही हैं। योगिता इस बेहतरीन प्रदर्शन के पीछे मां मनु चौहान के त्याग और समर्पण की भूमिका महत्वपूर्ण मानती है। दुर्घटना में घायल होने के बावजूद मनु चौहान अपनी बेटी को बॉक्सिंग प्रतियोगिता में शामिल कराने के लिए दून पहुंची हैं।
50-53 किग्रा में संदीप कौर का जवाब नहीं
पटियाला, पंजाब निवासी संदीप कौर मल्टीपरपज सीनियर सेकेंडरी स्कूल पटियाला में दसवीं कक्षा की छात्रा है। तीन नेशनल गोल्ड अपने नाम कर चुकीं संदीप इस बार भी गोल्ड मेडल जीतने को लेकर आश्वस्त हैं। इसी वर्ष असम में हुई खेलो इंडिया प्रतियोगिता में संदीप कौर ने 50-54 किग्रा में गोल्ड जीता था। इसके अलावा संदीप ने 2016 में ग्वालियर में हुई नेशनल स्कूल चैंपियनशिप के 50-53 किग्रा कैटेगरी में गोल्ड अपने नाम किया था। 2015 में आनंदपुर साहिब, पंजाब में भी इसी चैंपियनशिप की 48-50 किग्रा में भी गोल्ड मिला जीता था।