टीएचडीसी टनल के घायलों ने अपनी आपबीती बताई। बताया कि पहले तेज हवा के तीन झोंके आएं। फिर मलबा और पानी आया। वह बीच में रहे इसलिए जान बच पाई।
टीएचडीसी की 444 मेगावाट वाली पीपलकोटी विष्णुगाड जल विद्युत परियोजना में बृहस्पतिवार शाम को हुआ हादसा एक खौफनाक मंजर था। वहां पर एक नहीं बल्कि तीन बार भूस्खलन होने की बात सामने आई है। दूसरी बार के मलबे ने सबसे अधिक नुकसान किया। हादसे से कुछ दूरी पर काम करने वाले श्रमिकों ने बताया कि तीन बार हवा का तेज झोंका आया कुछ समझ पाते इससे पहले ही भारी मलबा उनकी ओर आ गया।
ये भी पढ़ें...चमोली सुरंग हादसा: शुरुआत से ही विवादों से घिरी रही विष्णुगाड जल विद्युत परियोजना, लोगों ने किए थे कई आंदोलन
कसकर पकड़े रखा पाइप
- हादसे में घायल निस्तर भिंगरा (24) पुत्र राफेल भिंगरा निवासी जिला खूंटी झारखंड भी जिला अस्पताल में भर्ती हैं। उन्होंने बताया कि वे हादसे से काफी दूर थे लेकिन सैलाब इतना तेज आया कि उन्हें संभलने का मौका नहीं मिला। उनके पास एक पाइप लगा था जिसे उसने कसकर पकड़ लिया। जब सैलाब कुछ कम हुआ तो वह घायल हालत में वहां से बाहर की तरफ आया।