फिर सवालों के घेरे में एसटीपी प्लांट
नमामि गंगे का एसटीपी प्लांट फिर सवालों के घेरे में आ गया है। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जंगल से लगे इस प्लांट में बिजली का ट्रांसफार्मर जमीन पर रखा गया है। इसके इर्द-गिर्द सुरक्षा के भी कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं। जिससे जंगली जानवरों के लिए यह ट्रांसफार्मर खतरे का सबब बना हुआ है।
बता दें कि गत वर्ष 19 जुलाई को चमोली में स्थित एसटीपी प्लांट पर करंट फैलने से 16 लोग अकाल मौत का शिकार हो गए थे। इसके बाद से प्रशासन लगातार प्लांटों की सुरक्षा को लेकर बैठक करता है। लेकिन वैतरणी में स्थित प्लांट पर सुरक्षा के इंतजाम अभी भी नाकाफी हैं।
इधर, जल संस्थान के ईई एसके श्रीवास्तव का कहना है कि चमोली करंट हादसे के बाद सभी एसटीपी की सुरक्षा की गई है। वैतरणी में एसटीपी के ट्रांसफार्मर के इर्द-गिर्द लकड़ी और लोहे के एंगल की बैरिकेटिंग की गई है। भालू व उसका बच्चा बैरिकेटिंग को लांघकर ट्रांसफार्मर तक पहुंच गए और करंट की चपेट में आ गए।