नृसिंह मंदिर मार्ग से वाहनों की आवाजाही बंद
नृसिंह मंदिर मार्ग धंसने से इस पर वाहनों की आवाजाही बंद कर दी गई है। सभी वाहनों की बाजार से ही आवाजाही करवाई जा रही है जिससे बाजार में जाम की स्थिति बन रही है। यात्राकाल के दौरान नगर में जाम की स्थिति से निजात दिलाने के लिए वन वे व्यवस्था लागू की जाती है। बदरीनाथ जाने वाले वाहन मारवाड़ी होटल से नृसिंह मंदिर मार्ग से गुजरते हैं, जबकि वापसी वाले वाहन मुख्य बाजार से होकर गुजरते हैं।
कुछ दिन पहले स्टेट बैंक के एटीएम के समीप सड़क का पुश्ता धंस गया था जिसके बाद प्रशासन ने इस मार्ग पर बड़े वाहनों की आवाजाही बंद कर दी थी। अब सुरक्षा के लिहाज से इसपर सभी वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है। बदरीनाथ जाने और आने वाले सभी वाहन बाजार से ही गुजर रहे हैं। जिससे बाजार में जाम की स्थिति बन रही है। वहीं जोशीमठ थाना प्रभारी राकेश भट्ट का कहना है कि नगर में जाम की समस्या से निपटने के लिए जल्द ट्रैफिक प्लान को लेकर बैठक की जाएगी।
चमोली जिले में 35 सड़कें और 500 पैदल रास्ते क्षतिग्रस्त
विगत दिनों से लगातार हो रही बारिश से ग्रामीण क्षेत्रों में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। ग्रामीण क्षेत्रों को जोड़ने वाले करीब 35 मार्ग बंद पड़े हैं जबकि 500 से अधिक पैदल मार्ग क्षतिग्रस्त हो गए हैं। नंदानगर ब्लॉक के सुदूरवर्ती कनोल और बड़गुना गांव को जोड़ने वाले पैदल मार्ग पर भूस्खलन होने से ग्रामीणों को जान हथेली पर रखकर आवाजाही करनी पड़ रही है। दोनों गांवों के आसपास भी भूस्खलन हो रहा है। कनोल गांव के महेंद्र सिंह, तारा सिंह और प्रताप सिंह ने बताया कि कनोल ग्राम पंचायत कई साल से भूस्खलन का दंश झेल रही है। भूस्खलन के कारण गांव का पैदल रास्ता ध्वस्त हो गया है। ग्रामीण एक दूसरे का सहारा बनकर भूस्खलन क्षेत्र से आवाजाही करने के लिए मजबूर हैं। बच्चे भी इसी क्षतिग्रस्त रास्ते से आवाजाही कर स्कूल पहुंच रहे हैं।