राड़ीबगड़ में सोमवार दोपहर को तहसील कार्यालय में अधिकारी और कर्मी अपना काम निपटा रहे थे। करीब एक बजे कार्यालय परिसर के पीछे की पहाड़ी से भूस्खलन हो गया। इसकी सूचना मिलते ही जो जिस हालत में था वह बाहर की ओर दौड़ पड़ा। अधिकारी-कर्मचारी हाथों में फाइलों के गट्ठर लेकर परिसर की ओर दौड़े। इसके बाद एसडीएम सोहन सिंह रांगड़ और एसडीएम पंकज भट्ट ने कुछ देर परिसर में ही खुले आसमान के नीचे प्रशासनिक कार्य निपटाए।
तहसील परिसर और राड़ीबगड़ का करीब दो किमी का क्षेत्र संवेदनशील हो गया है। यहां लगातार मलबा गिर रहा है जिससे लोग सहमे हुए हैं। दो किमी के दायरे में सभी लोग मकान खाली कर सुरक्षित स्थानों पर जा रहे हैं। शुक्रवार रात को तहसील मुख्यालय राड़ीबगड़ में अतिवृष्टि से मलबा, बोल्डर और पेड़ गिरने से एसडीएम आवास मलबे में दब गया था और दस से अधिक घरों को नुकसान पहुंचा था। शनिवार रात को फिर से आठ घर मलबे से क्षतिग्रस्त हो गए थे।
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सोमवार को दोपहर में तहसील कार्यालय के पीछे पहाड़ी से भूस्खलन हो गया। मलबा और पानी परिसर के पीछे आने से पूरे राड़ीबगड़ में अफरातफरी मच गई। जो कर्मी जिस हाल में था वह परिसर से बाहर भागा। इसके बाद डीडीआरएफ की टीम ने आवश्यक दस्तावेज बाहर निकाले और एसडीएम पंकज भट्ट ने खुले मैदान में छाता लेकर अपना काम निपटाया। भूस्खलन से पूरे दो किमी के क्षेत्र में चट्टानों और पहाड़ियों पर दरारें पड़ी हैं। तहसील परिसर के पास दो नाले बन गए हैं जिनमें लगातार मलबा और पानी आ रहा है। संवाद