उच्च न्यायालय ने उत्तराखंड में लागू रिवर ट्रेनिंग पॉलिसी 2016 पर प्रदेश सरकार को छह सप्ताह में जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। पौड़ी जिले के धूमाकोट निवासी विनोद बिष्ट ने उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि प्रदेश में 30 सितंबर 2016 से यह नीति लागू है।
इस नीति के तहत किए जाने वाले उप खनिजों के चुगान के लिए कोई पारदर्शी व्यवस्था लागू नहीं की गई है। नीति संबंधी कार्यों का पूरा दायित्व संबंधित जिलाधिकारी को दिया गया है।