अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष पद की ‘कुर्सी’ के लिए कांग्रेस के नेताओं में घमासान मचा है। जहां कई मंत्री और विधायक अपने लोगों को अध्यक्ष की कुर्सी दिलाने की जुगत में हैं वहीं कुर्सी के लिए नोटों की भी पेशकश की खबरें आ रही हैं।
कुर्सी के लिए करोंडों की मांग
सूत्रों का कहना है कि प्रदेश के एक मंत्री के बेटे को कुर्सी देने की बागडोर दी गई है। कांग्रेस पार्टी से जुड़े नैनीताल जिले के दो कारोबारी कुछ दिनों पूर्व देहरादून गए तो कुर्सी के लिए लाखों नहीं बल्कि करोड़ों मांगे जाने की बात सामने आई है।
कांग्रेस सरकार के कार्यकाल को पौने दो साल होने को आए हैं, लेकिन कांग्रेस सरकार अब तक उत्तराखंड अल्पसंख्यक आयोग में अध्यक्ष पद पर किसी की नियुक्ति नहीं कर सकी है।
सदन में उठ चुका मुद्दा
अध्यक्ष की नियुक्ति का मामला कई बार सदन में भी उठ चुका है, लेकिन सरकार ने कोई तवज्जो नहीं दी। लोकसभा चुनाव नजदीक आने की वजह से पिछले दो माह से सरकार अध्यक्ष पद पर नियुक्ति करना चाह रही है, लेकिन नियुक्ति से पहले ही इस कुर्सी के लिए घमासान शुरू हो गया है। कई मंत्री और विधायक अपने लोगों को कुर्सी पर बिठाने की फिराक में हैं। उत्तराखंड कांग्रेस नेतृत्व पर दबाव भी पड़ रहा है।
कुर्सी के लिए खींचतान
अल्पसंख्यक आयोग के सूत्रों के अनुसार कुर्सी खाली होने से विभागीय काम भी अटके पड़े हैं। अध्यक्ष की कुर्सी किसे दी जाए इसके लिए प्रदेश के एक मंत्री के बेटे को जिम्मेदारी सौंपी गई है। चूंकि मामला नोटों का है इसलिए अभी कुर्सी के लिए खींचतान चल रही है।