प्रदेश में 52 उर्दू शिक्षकों के प्रमाण पत्रों की जांच होगी। अपर शिक्षा निदेशक बेसिक शिक्षा वीरेंद्र सिंह रावत के मुताबिक समस्त जिला शिक्षा अधिकारियों को इसके निर्देश दिए गए हैं। जांच के बाद ही इन शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
प्रदेश में वर्ष 2005 से 2013 तक विभिन्न वर्षों में 52 उर्दू शिक्षकों की भर्ती हुई थी। ऊधमसिंह नगर में एसआईटी ने जांच के बाद एक शिक्षक के शैक्षिक प्रमाण पत्रों को अमान्य मानते हुए विभाग को कार्रवाई के लिए कहा था।
विभागीय सूत्रों के मुताबिक आरोपी शिक्षक इस कार्रवाई के खिलाफ कोर्ट चला गया। इस पर कोर्ट से समस्त इस तरह के शिक्षकों के बारे में जानकारी मांगी गई। तब पता चला कि प्रदेश में इस तरह के 52 शिक्षक कार्यरत हैं।
कोर्ट के आदेश पर शासन ने इस तरह के सभी शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए थे। अपर शिक्षा निदेशक बेसिक शिक्षा के मुताबिक आरोपी शिक्षक मामले को लेकर हाईकोर्ट की डबल बेंच में चले गए। अब डबल बेंच के आदेश पर समस्त शिक्षकों के प्रमाण पत्रों का सत्यापन कराया जा रहा है। इसके बाद ही कोर्ट के आदेश के अनुसार मामले में कार्रवाई होगी।