दून के स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय ने मुख्यत: तीन कमियां बताई है। उन्होंने इन कमियों को सुधारकर संशोधित प्रोजेक्ट तैयार करने को कहा है। इसमें मुख्यत: परियोजना का क्षेत्रफल घटाने, प्रोजेक्ट की संख्या कम करने और स्मार्ट सॉल्यूशन पर जोर देने को कहा गया है।
केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी स्मार्ट सिटी परियोजना के लिए उत्तराखंड से देहरादून शहर को चिन्हित किया गया है। इसमें दूसरे चरण में दून समेत 23 शहरों के संशोधि प्रस्ताव मांगे गए थे, जिसमें से 15 शहरों का चयन किया गया है। देहरादून मात्र दो अंकों से सूची में स्थान बनाने से चूक गया।
मंगलवार को केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय ने प्रोजेक्ट का विस्तृत परिणाम जारी किया। इसमें प्रमुख सुधार वाले बिंदुओं को अलग से इंगित किया गया है। मंत्रालय ने प्रोजेक्ट के लिए अधिक क्षेत्रफल लिए जाने पर आपत्ति जताई है। राज्य सरकार ने कुल करीब चार हजार एकड़ का प्रस्ताव बनाकर भेजा था। अब राज्य को क्षेत्रफल में कमी करनी होगी।
बनेगा संशोधित प्रोजेक्ट
इसके अलावा शहर में प्रमुखता से किए जाने कार्यों में भी कमी करनी होगी। प्रोजेक्ट में ड्रेनेज, अंडरग्राउंड डस्टबिन जैसी करीब डेढ़ दर्जन योजनाएं दी गई थी। मंत्रालय ने इनकी संख्या घटाने और कुछ क्षेत्रों में फोकस कर काम करने का सुझाव दिया है। साथ ही इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट के बजाय स्मार्ट सॉल्यूशन वाले प्रोजेक्ट पर जोर देने को कहा गया है।
प्रोजेक्ट के नोडल अधिकारी आर मीनाक्षी सुंदरम ने बताया कि मंगलवार को मेयर विनोद चमोली और कंसलटेंट कंपनी से बातचीत की गई है। इस संबंध में जल्द ही औपचारिक वार्ता की जाएगी। निगम बोर्ड में दोबारा से परियोजना का प्रस्ताव लाया जाएगा। उसके बाद ही संशोधित प्रोजेक्ट तैयार होगा।
ब्रिटेन ने दिखाई दिलचस्पी
दून के स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट पर अब ब्रिटेन ने भी दिलचस्पी दिखाई है। मंगलवार को ब्रिटेन के हाई कमिश्नर डेविड इलियट ने परियोजना के नोडल अधिकारी आर मीनाक्षी सुंदरम से मुलाकात की। उन्होंने प्रोजेक्ट में ब्रिटेन की पार्टनरशिप को लेकर चर्चा की। उन्होंने ब्रिटेन सरकार की एजेंसी डीईएफआईडी के बतौर हेंड होल्डिंग संशोधित प्रोजेक्ट तैयार करने में भी सहायता देने की पेशकश की।