मेडिकल साइंस के साथ ज्योतिष भी एक विज्ञान है बस इसे वैज्ञानिक दृष्टिकोण से इसे समाज के सामने लाना जरूरी है। यह कहना है सेंट्रल साइंस और टेक्नोलॉजी मिनिस्टर डॉ. हर्षवर्द्धन का।
फोन पर हुई बातचीत में उन्होंने अमर उजाला की इस पहल को सराहा साथ ही इस क्षेत्र में और खोज की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि इसके लिए जो भी मदद की जरूरत होगी उसके लिए उनका मंत्रालय तैयार है। इसके अलावा उन्होंने वादा किया कि वह अगले वर्ष अमर उजाला ज्योतिष महाकुंभ में जरूर आएंगे।
उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय पटल पर इस विज्ञान को सामने लाने के लिए एक समर्पित लोगों का ग्रुप बनना होगा, जिसमें एस्ट्रोलॉजी, फिजिक्स, एस्ट्रोनॉमी और गणित से जुड़े लोग शामिल हो, जो यह बताएं कि कैसे ग्रहों की दिशा बदलने से व्यक्ति के जीवन पर असर पड़ता है, एनर्जी का क्या रोल है। उन्होंने बताया कि कई बार ज्योतिष से जुड़े लोगों से बातचीत की है, लेकिन पूरी तरह से समर्पित लोगों का अभी तक ग्रुप बन नहीं पाया है, जो इस दिशा में कार्य कर सकें।
उन्होंने बताया कि मेरा मानना है कि एस्ट्रोलॉजी भी एस्ट्रोनॉमी की तरह परफेक्ट साइंस है। लेकिन जैसे हमारे यहां आयुर्वेद है, हमें पता है कि इसकी क्या ताकत है, लेकिन दुनिया के सामने इसे प्रस्तुत करने के लिए और मॉर्डनाइज तरीके से इसे रखने के लिए वैज्ञानिक प्रमाणिकता जरूरी है। बकौल डॉ. हर्षवर्द्धन 25 साल पहले जब मैं दिल्ली का स्वास्थ्य मंत्री बना था तो उस समय आयुर्वेद को प्रचारित और प्रसारित करने के लिए ‘डेली रिसर्च सेंटर फॉर मार्डनाइज्ड प्रोमोशन ऑफ आयुर्वेदा’ बनाया था। अब हम साइंस और टेक्नॉलॉजी के तहत यह काम कर रहे हैं। पंचगव्य पर साइंटिफिक रिसर्च करा रहे हैं, जिसमें साइंस के लोग और आईआईटी के लोग लगे हुए हैं। इसी तरह ज्योतिष के क्षेत्र में भी रिसर्च किए जाने की जरूरत है।
अपने ही अतीत का लोग उड़ाते हैं मखौल
कानपुर के गणेश शंकर विद्यार्थी मेडिकल कॉलेज से पासआउट डॉ. हर्षवर्द्धन ने बताया कि हमारे ही देश में कुछ ऐसे लोग हैं जो अतीत में जो हमारी ताकत रही है उसका आज मखौल उड़ाते हैं। उन्हें अपने अतीत के बारे में बात करने में शर्म आती है। लेकिन जब हम इस विद्या को विज्ञान की कसौटी पर कसकर और तथ्यों के साथ इसे दुनिया के सामने रखा जाएगा तो कोई इसे चैलेंज नहीं कर सकेगा।
‘मैं खुद इस विद्या को समझने की कोशिश कर रहा हूं’
केंद्रीय मंत्री डॉ. हर्षवर्द्धन ने बताया कि मैं खुद यह समझने की कोशिश कर रहा हूं कि ग्रहों की दिशा बदलने पर कैसे एनर्जी और लोगों के जीवन पर प्रभाव पड़ता है।
मेडिकल सांइस में बहुत उपयोगी साबित होगा
मेडिकल के संबंध में ज्योतिष की भविष्यवाणी काफी सटीक होती है। व्यक्तिगत रूप से कई ऐसे मेडिकल एस्ट्रोलॉजर को जानता हूं, जिनकी भविष्यवाणी इस बारे में बिल्कुल सटीक बैठी हैं।
इस साइंस को समझने वाले लोग कम बचे हैं
ज्योतिष पूरी तरह से विज्ञान है दुर्भाग्य इस बात का है कि इससे जाने वाले लोग कम बचे हैं, और जो लोग इस फील्ड में आ रहे हैं, वह इस विज्ञान को गंभीरता से नही ले रहे हैं। इसके चलते इस
विज्ञान को जितना सम्मान मिलना चाहिए वह नहीं मिल रहा है।