तीन कबाड़ केंद्र बनाए जा रहे
इसके बाद किसी भी 15 साल से पुराने सरकारी वाहन का नवीनीकरण नहीं होगा। उसे कबाड़ में देना होगा, जिसके लिए हर जिले में तीन कबाड़ केंद्र बनाए जा रहे हैं। संयुक्त परिवहन आयुक्त सनत कुमार सिंह ने बताया कि नई नीति के तहत एक अप्रैल से 15 साल से अधिक पुराने वाहनों का रिन्यूअल नहीं होगा। वह स्क्रैप में ही जाएंगे।
इतने सरकारी वाहन होंगे कबाड़
श्रेणी-15-20 साल पुराने-20 साल से ऊपर
राज्य सरकार-1744-998
स्थानीय निकाय-11-06
परिवहन निगम/विभाग-02-01
विभिन्न निगम-1399-1327
स्वायत्त संस्थाएं-01-0
कुल-3157-2332
यह हैं दुश्वारियां
-5500 वाहनों के कबाड़ बनने के बाद सभी विभागों को नए वाहन खरीदने होंगे। एक वाहन की औसत कीमत 10 लाख मानें तो राज्य को 550 करोड़ की जरूरत होगी।
-अगर नए वाहन न खरीदें और किराए पर 5500 वाहन चलाए जाएं तो एक वाहन का औसत 55000 खर्च मानते हुए इतने वाहनों का करीब 300 करोड़ रुपये किराए पर खर्च होगा।
-जिन विभागों में पहले से ड्राइवर तैनात हैं या फिर लगातार भर्तियां हो रही हैं, वहां किराए पर वाहन चलाने से वह खाली हाथ हो जाएंगे। उनके लिए नौकरी का संकट पैदा हो जाएगा।
ये भी पढ़ें...Joshimath Is Sinking: अब एक-एक कर धवस्त होंगे जोशीमठ शहर के 181 भवन, किरायेदारों को भी मिलने लगी सहायता राशि
व्यावसायिक वाहनों की फिटनेस एक अप्रैल से अनिवार्य
स्क्रैप पॉलिसी के तहत एक अप्रैल 2023 से सभी तरह के भारी व्यावसायिक वाहनों को अनिवार्य तौर पर फिटनेस टेस्ट से गुजरना होगा, जबकि प्राइवेट वाहनों के लिए यह व्यवस्था जून 2024 से लागू होगी।