हाल ही में NH-74 घोटाले का पर्दाफाश करने वाले जांच अधिकारी का तबादला कर दिया गया। वहीं अब पीएम मोदी के एक मंत्री पर इस घोटाले का खुलासा न हो, इसलिए ब्लैकमेलिंग का आरोप लगा है।
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कुछ माह पहले ही एनएच-74 में 300 करोड़ से अधिक का घोटला सामने आया था। जिसमें गुरुवार को जांच अधिकारी डी सेंथिल पांडियन का तबादला कर दिया गया। बताया जाता है कि पांडियन बेहद ही ईमानदार और साफ छवि के अधिकारी रहे हैं। बावजूद इसके उनको इस जांच से अलग कर देना कहीं न कहीं सरकार पर सवाल भी खड़े कर रहा है।
राज्यसभा सांसद प्रदीप टम्टा ने केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी पर उत्तराखंड सरकार एवं जनता को ब्लैकमेल करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि एनएच-74 में 300 करोड़ से अधिक का घोटला हुआ है।
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लिखा था धमकीभरा पत्र
प्रदेश की त्रिवेंद्र सरकार ने इसकी सीबीआई जांच की संस्तुत की थी। लेकिन केंद्रीय मंत्री गड़करी ने राज्य सरकार को जांच वापस लेने के लिए धमकी भरा पत्र लिखकर घोटालेबाजों को बचाने का प्रयास में लगे हैं। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी भ्रष्टाचारियों एवं उन्हें बचाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की बड़ी बाते करते हैं, तो ऐसे में नितिन गड़करी का तत्काल इस्तीफा लेना चाहिए।
पत्रकार वार्ता करते हुए सांसद प्रदीप टम्टा ने कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में एनएच-74 घोटाले का पता चला था। पूर्व सीएम हरीश रावत ने इसके लिए कुमांऊ कमिश्नर डी सेंथिल पांडियन की अध्यक्षता में एसआईटी गठित की थी। जांच में 300 करोड़ से अधिक का घपला पाया गया है।
सीएम त्रिवेंद्र रावत ने इसकी सीबीआई जांच की संस्तुत की, लेकिन केंद्रीय सड़क एवं भूतल परिवहन गड़करी ने आरोपियों को बचाने के लिए अपने अधिकारों का गलत प्रयोग करते हुए राज्य सरकार पर दबाब बनाया है।
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कहा कि पीएम मोदी ने कहा कि न खाऊंगा न खाने दूंगा का नारा दिया था, लेकिन एक मंत्री के आगे वह भी नतमस्तक हो गए हैं। ऐसा में उन्हें देश की जनता से माफी मांगनी चाहिए। सांसद ने कहा कि 2012 से 16 की जिला योजना में हमेश में बढ़ोत्तरी होती रही। बावजूद राज्य सरकार ने टिहरी की जिला योजना में 17 फीसदी की कटौती कर दी है। जिससे जिले के विभिन्न विकास योजनाओं में 14 करोड़ से अधिक बजट की कटौती होगी।
उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में विधानसभा ने अगला बजट सत्र गैरसैंण में करने का संकल्प पारित किया था। लेकिन राज्य सरकार ने गैरसैंण में बजट सत्र नहीं करने का निर्णय लेकर विधानसभा की मर्यादाओं को तोडने का काम किया है।
इस मौके पर प्रतापनगर के पूर्व विधायक विक्रम सिंह नेगी, कांग्रेस जिलाध्यक्ष सूरज राणा, प्रदेश प्रवक्त शांति भट्ट, पालिकाध्यक्ष विक्रम पंवार, नरेंद्र चंद रमोला, राकेश राणा, कुशलानंद भटट, मुशर्रफ अली, देवेंद्र नौडियाल, शूरवीर लाल, साब सिंह सजवाण, केशव श्याम वेदी, दर्शनी रावत, लखपति पोखरियाल, मोहिनी रावत आदि मौजूद थे।