केंद्रीय कृषि मंत्री राधामोहन सिंह ने कहा कि उत्तराखंड में कृषि विकास की धुरी सहकारिता को बनाने के लिए केंद्र सरकार 2600 करोड़ रुपये देगी। इतना ही नहीं प्रदेश के सभी 13 जिलों के लिए सहकारिता के माध्यम से विकास योजना की डीपीआर को मार्च तक अंतिम रूप दे दिया जाएगा।
रविवार को केंद्रीय कृषि मंत्री दिल्ली से जौलीग्रांट हवाई अड्डे पहुंचे और हल्द्वानी जाने के लिए सड़क मार्ग से हरिद्वार आए लेकिन, किन्हीं कारणों से उनका हल्द्वानी का दौरा रद्द हो गया। दोपहर में डामकोठी में पत्रकारों से वार्ता में उन्होंने कहा कि सहकारिता के माध्यम से पैक्स, भेड़-बकरी पालक संघ, डेयरी विकास, रेशम विकास, बुनकर सहकारिता, चीनी मिलें और सहकारी आवास संघ लाभान्वित होंगे।
इस परियोजना के लिए सलाहकार संस्था का चयन कर लिया है। फील्ड में सभी समितियां सर्वे कर चुुकी हैं। इस परियोजना के माध्यम से जहां किसानों की आय दोगुना होगी वहीं पलायन रोकने में भी मदद मिलेेगी।
केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि नेशनल कोआपरेटिव डेवलपमेंट कारपोरेशन (एनसीडीसी) ने राज्य में कार्यरत सहकारी समितियां को सुदृढ़ करने के लिए 13 जिलों में आईसीडीसी परियोजना संचालित की है। राज्य के छह जिलों (पिथौरागढ़, नैनीताल, देहरादून, हरिद्वार, चमोली और टिहरी गढ़वाल) की परियोजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं।
राज्य सरकार को दूसरा चरण प्रारंभ करने की स्वीकृति प्रदान कर दी है। मंत्री ने कहा कि सहकारी समितियों को कार्यशील पूंजी जुटाने के लिए मार्जिन मनी और उनके मानव संसाधन विकास के लिए भी सहायता प्रदान की जाती है। उन्होंने कहा कि राज्य के 10 जिला सहकारी बैंकों को कंप्यूटरीकृत करने के लिए वित्तीय सहायता दी जा रही है। एनसीडीसी की ओर से 175 करोड़ रुपये की सहायता राशि प्रदान की है।
इसमें आईसीडीसी के अंतर्गत 80 करोड़ रुपये दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य की सभी 4400 सहकारी समितियों को विकास कार्यों के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। मौके पर शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक, उच्च शिक्षा राज्यमंत्री धन सिंह रावत, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट, जिलाध्यक्ष जयपाल सिंह चौहान आदि मौजूद रहे।