नमामि गंगे परियोजना के स्वच्छता अभियान के लिए पेयजल निगम का एक्शन प्लान केंद्र ने निरस्त कर दिया है। एक्शन प्लान बनाने की जिम्मेदारी वेबकॉस और इंजीनियरिंग इंडिया लिमिटेड को दे दी गई है। इन दोनों कंपनियों ने गंगा बेसिन का सर्वे शुरू कर दिया है। सर्वे के बाद नए सिरे से एक्शन प्लान तैयार किया जाएगा। केंद्र ने अभी तक इस परियोजना में प्रदेश को पैसा नहीं दिया है।
एनजीटी के दिसंबर 2015 के आदेश के अनुपालन में गंगा स्वच्छता अभियान के तहत सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाए जाने का कार्य छह महीने के अंदर शुरू किया जाना था। इस संबंध में एनजीटी ने प्रदेश शासन से एक्शन प्लान देने के लिए कहा था। प्रदेश शासन ने एक्शन प्लान पेयजल निगम से तैयार करवाया।
इस प्लान को एनजीटी में जमा किया गया। एनजीटी से यह भी अनुरोध किया गया था कि केंद्र से धन आवंटित कराए, जिससे एक्शन प्लान पर काम शुरू हो सके। नमामि गंगे का एक्शन प्लान किसी केंद्रीय एजेंसी से बनवाने के लिए केंद्र सरकार अडिग रही और बाद में पेयजल निगम का प्लान अस्वीकार कर दिया गया।
सर्वे रिपोर्ट के आधार पर नया एक्शन प्लान तैयार किया जाएगा। पेयजल निगम के एमडी भजन सिंह ने बताया कि वेबकॉस और ईआईएल ने बेसिन में सर्वे का कार्य शुरू कर दिया है।
Published By : Nirmala Suyal