सांसद नरेश बंसल ने राज्यसभा में ओटीटी पर सेंसरशिप लगाने की मांग की। उन्होंने कहा कि भारत में सामाजिक मूल्यों की रक्षा के लिए ऐसाकरना जरूरी है। बंसल ने कहा कि हम ओटीटी प्लेफार्मों पर जब चाहें जैसे चाहें अलग-अलग तरह के शो देख सकते हैं, लेकिन ये प्लेटफॉर्म बेकाबू है।
ओटीटी प्लेटफॉर्म पर सेंसरशिप जैसी चीज नहीं है। सामाजिक और सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा क ेलिए कंटेट को विनियमित करना आवश्यकत है। उन्होंने कहा कि भारतीय समाज खासकर युवाओं के बीच नैतिक पतन गंभीर चिंता का विषय है। आजकल बच्चों को मोबाइल फोन के माध्यम से विभिन्न प्रकार की सामग्री देखने को मिल रही है। जिस पर कोई नियंत्रण नहीं है।
ओटीटी के लिए सामग्री नियामक ढांचा के तहत हो
बंसल ने सदन मे चिंता जताते हुए कहा कि भारतीय समाज, खासकर युवाओं के बीच नैतिक पतन गंभीर चिंता का विषय है। आजकल बच्चों को मोबाइल फोन के माध्यम से विभिन्न प्रकार की सामग्री देखने को मिल रही है, जिन पर कोई नियंत्रण नहीं है। इसमें कई बार आपत्तिजनक और हानिकारक सामग्री भी शामिल होती है, जो मानसिक रूप से परेशान करने वाली है।
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सांसद ने कहा कि सरकार को चाहिए कि ओटीटी के लिए सामग्री नियामक ढांचा के तहत हो। सरकार को इसके लिए प्रयास करना चाहिए।