मालूम हो कि शनिवार की सुबह 6:30 बजे पाक की ओर से राजौरी जिले के नौशेरा सेक्टर में भारी शेलिंग की गई। जिसका जवाब देते हुए लांस नायक संदीप थापा घायल हो गए। घायल जवान को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
जहां उपचार के दौरान वह शहीद हो गए। रविवार की सुबह 11 बजे सैन्य सम्मान के साथ उनके पार्थिव शरीर को हवाई सेवा से जॉलीग्रांट एयपोर्ट लाया जाएगा। जहां से उनका पार्थिव शरीर घर पहुंचेगा। रविवार को पूरे सैन्य सम्मान के साथ उन्हें प्रेमनगर स्थित घाट पर अंतिम विदाई दी जाएगी।
शहीद संदीप थापा 33 वर्ष के थे। वर्ष 2004 में वह भारतीय सेना में शामिल हुए थे। जून माह में वह आखिरी बार अपने घर आए थे। जिसके बाद से उनके परिवार का उनसे कोई संपर्क नहीं हुआ। वर्ष 2012 में उनका विवाह दुधली डोईवाला निवासी निशा थापा के साथ हुआ था।
उनका तीन साल का छोटा बेटा भी है। संदीप थापा के छोटे भाई नवीन थापा भी उक्त बटालियन में राजौरी में तैनात हैं। दोपहर करीब 2:30 बजे परिजनों को लांस नायक संदीप के शहीद होने की सूचना मिली। जिसके बाद से परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
जिस समय परिजनों को संदीप के शहीद होने की सूचना मिली उस समय उनकी पत्नी निशा अपने मायके दुधली डोईवाला गई हुई थी। लेकिन संदीप के शहीद होने की सूचना मिलते ही वह भी देर शाम को घर लौट आई। मां राधा देवी, पत्नी निशा और बहन अनिता का रो-रो कर बुरा हाल है।
संदीप की शहादत की सूचना मिलने के बाद सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने ट्वीट कर कहा 'कि सीमा पर पाकिस्तान की गोलीबारी में उत्तराखंड के सपूत संदीप थापा देश के लिए कुर्बान हुए हैं। मैं लांस नायक थापा की शहादत को कोटि कोटि नमन करता हूं। उनके परिजनों को सांत्वना प्रदान करने की प्रार्थना करते हुए, विश्वास दिलाता हूं हम सब हर समय शहीद के परिजनों के साथ खड़े रहेंगे।'
उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने देहरादून के संदीप थापा की शहादत पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने जवान को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शहीद के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है। उत्तराखंड के वीर शहीद ने देश की अखंडता एवं सुरक्षा के लिए अपनी जान की बाजी लगाई है। इसके लिए समूचा राष्ट्र संदीप थापा के प्रति कृतज्ञ रहेगा। शहीद के इस बलिदान को प्रदेश और देश के लोग हमेशा याद रखेंगे।
सूचना मिलने पर उनके नाते रिश्तेदार भी परिजनों को सांत्वना देने के लिए शहीद के आवास पहुंचे। वहीं, सहसपुर विधायक सहदेव पुंडीर, भाजपा नेता सुखदेव सिंह फरस्वाण आदि भी शहीद के आवास पहुंचे और परिजनों का ढांढस बंधाया।