साथ ही निरीक्षण भी किया जाएगा। दरअसल, इन स्कूलों ने निर्धारित से कई गुना ज्यादा छात्रों का पंजीकरण कराया है। जांच में यह बात सामने आई है कि ये स्कूल, अवैध रूप से चलने वाले स्कूलों के छात्रों के पंजीकरण की एवज में मोटी रकम ले रहे हैं, जो कि सीबीएसई के नियमों के हिसाब से गलत है। सीबीएसई की ओर से इन पांच स्कूलों पर भी कार्रवाई की तैयारी कर ली गई है।
सीबीएसई देहरादून संभाग के 30 स्कूल ऐसे भी हैं, जो पोल खुलने के बाद बैकफुट पर आ गए। इन स्कूलों ने 2017 में जो पंजीकरण कराए थे, उनके मुकाबले इस बार 2018 उनके पंजीकरण की संख्या में कई गुना की गिरावट दर्ज की गई है। बोर्ड ने ऐसे स्कूलों को गलती स्वीकारने के कारण फिलहाल राहत दे दी है। साथ ही भविष्य में ऐसी गलती न करने के प्रति चेताया भी है।
कई स्कूल अवैध गतिविधियों में लिप्त होकर गलत पंजीकरण करा रहे थे, जिनकी जांच पूरी हो चुकी है। पांच स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। बाकी के खिलाफ भी नोटिस जारी होंगे। बोर्ड की छवि को खराब करने वाले स्कूलों को बख्शा नहीं जाएगा।
-रणबीर सिंह, क्षेत्रीय अधिकारी, सीबीएसई