फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अब इतने लाख में स्कूलों को ऑन डिमांड मान्यता देगा सीबीएसई, बंद करने वालों को भी चुकानी होगी मोटी रकम

Tue, 21 May 2019 08:22 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
विज्ञापन
सीबीएसई
विज्ञापन

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) अब स्कूलों को ऑन डिमांड मान्यता भी देगा। बोर्ड ने हाल ही में अपने मान्यता संबंधी बायलॉज में कई बड़े बदलाव किए हैं। इसके तहत दस लाख रुपये खर्च कर ऑन डिमांड मान्यता दी जाएगी।

विज्ञापन


सीबीएसई के ताजा नियमों के मुताबिक अगर कोई प्राइवेट स्कूल बंद करना चाहता है तो उसके लिए एक लाख रुपये शुल्क जमा कराना होगा। सरकारी स्कूल के लिए यह शुल्क 50 हजार रुपये है। इसी प्रकार दस लाख रुपये में ऑन डिमांड मान्यता की सुविधा उन स्कूलों को दी जाएगी जो कि निर्धारित समय तक मान्यता का आवेदन नहीं कर पाएंगे। 

इसमें भी अगर वह कोई विषय बढ़ाना चाहते हैं तो इसके लिए एक लाख रुपये प्रति विषय शुल्क देना होगा। अगर किसी विद्यालय ने 2020 में मान्यता के लिए आवेदन किया है, लेकिन वह 2019 से ही स्कूल शुरू करना चाहते हैं तो इसके लिए भी अतिरिक्त शुल्क देना होगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

अभी तक के नियमों के हिसाब से तीन साल तक मिडिल स्कूल मान्यता के लिए 50 हजार रुपये, मिडिल स्कूल से सेकेंडरी लेवल तक अपग्रेडेशन के लिए एक लाख रुपये, नई मान्यता से सेकेंडरी लेवल तक की मान्यता के लिए 1.50 लाख रुपये और नई मान्यता से लेकर सीनियर सेकेंडरी लेवल तक की मान्यता के 2.50 लाख रुपये शुल्क देय था। सरकारी स्कूलों के लिए प्रॉसेसिंग शुल्क मात्र 20 हजार रुपये था।

सीबीएसई ने एफिलिएशन बायलॉज में कुछ परिवर्तन किए हैं। इसके तहत अब ऑन डिमांड एफिलिएशन सहित कई अहम बदलाव किए गए हैं। यह बदलाव इसी साल से लागू हो गए हैं।
-रणबीर सिंह, क्षेत्रीय अधिकारी, सीबीएसई, देहरादून
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें