पहले पीरियोडिक टेस्ट 10 अंकों का होता था, अब इसे पांच-पांच अंकों के दो हिस्सों में बांट दिया गया है। पांच अंक का पेन पेपर टेस्ट होगा, जबकि पांच अंक की क्विज, ओरल, कांसेप्ट मैप आदि होंगे।
नोटबुक के पहले पांच अंक मिलते थे जो अब क्लासवर्क के साथ ही स्वयं मूल्यांकन के लिए दिए जाएंगे। अभी तक साइंस में प्रैक्टिकल के पांच अंक मिलते थे। अब साइंस के साथ ही सोशल साइंस में भी प्रोजेक्ट वर्क के पांच अंक दिए जाएंगे।
10वीं बोर्ड और 9वीं वार्षिक परीक्षा में यह बदलाव
20 अंकों के बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाएंगे जो कि इसी साल की परीक्षाओं से लागू कर दिए गए हैं। इसके अलावा 60 अंकों की परीक्षा सब्जेक्टिव होगी। यह बदलाव इसलिए किया ताकि छात्र प्रश्नों का और बेहतर जवाब दे सके। 20 अंकों के बहुविकल्पीय प्रश्न होने से निश्चिततौर पर छात्र के लिए परीक्षा पास करने की राह आसान हो जाएगी।