एमबीबीएस और बीडीएस में दाखिलों की दूसरी कॉमन प्रवेश परीक्षा नीट 2 में बारिश का बहाना नहीं चलेगा। सीबीएसई ने इसके लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत अभ्यर्थी को समय से पहले ही अपने परीक्षा केंद्र की पूरी लोकेशन, रास्ता और ट्रैफिक प्रॉब्लम जानकर पहुंचना होगा।
सीबीएसई की ओर से 24 जुलाई को नीट 2 का आयोजन देशभर में होने जा रहा है। सीबीएसई ने पत्र के माध्यम से सभी अभ्यर्थियों को साफ कर दिया है कि वह बरसात के मौसम में अपने परीक्षा केंद्र पर समय से पहले पहुंच जाएं। बोर्ड के मुताबिक परीक्षा से एक दिन पहले अपने परीक्षा केंद्र की जानकारी पुख्ता कर लें।
यहां की जल भराव, ट्रैफिक आदि की समस्याएं भी अच्छी तरह से समझ लें। परीक्षा में 9:30 बजे के बाद कोई एंट्री नहीं होगी, लिहाजा बारिश या ट्रैफिक का कोई बहाना नहीं चलेगा। बोर्ड के मुताबिक नकल से संबंधित सभी नियम पूर्ववत रहेंगे।
अंतिम समय में रिवीजन करेगा बेड़ा पार
मेडिकल की दूसरी प्रवेश परीक्षा नीट 2 में अब पांच दिन बाकी हैं। अंतिम समय में रिवीजन और पुराने वर्षों के प्रश्न पत्रों से बेड़ा पार लगेगा। नीट 2 का पैटर्न भी एक मई को हुई नीट 1 जैसा ही होगा।
अंतिम समय में एनसीईआरटी की बुक्स पर ज्यादा से ज्यादा फोकस बेहतर स्कोरिंग साबित हो सकता है। अविरल क्लासेज के निदेशक डीके मिश्रा ने दिए कुछ टिप्स।
- बायोलॉजी सबसे ज्यादा स्कोरिंग विषय है। इसमें से सबसे ज्यादा 90 प्रश्न पूछे जाएंगे। 45 बॉटनी के और 45 जूलॉजी के। इसलिए परीक्षा हल करते समय सबसे पहले इसे ही निपटाएं।
- मैकेनिक्स, इलेक्ट्रोमैग्नेशन, ऑप्टिक्स, मॉर्डन फिजिक्स पर अच्छा ध्यान लगाएं। स्कोरिंग हो सकता है।
- गत वर्षों का रिकॉर्ड देखें तो ह्यूमन फिजियोलॉजी, बायोमालिक्यूल्स, बायोटेक्नोलॉजी टॉपिक्स से काफी संख्या में सवाल पूछे गए हैं। इस लिहाज से किसी भी टॉपिक को कम न आंकें।
- तैयारी करते वक्त इंफोर्मेशन आधारित टॉपिक्स भी अहम हो सकते हैं। मसलन, अनिमैलिया, मोर्फोलॉजी ऑफ एनिमल्स जैसे इंफोर्मेटिव टॉपिक्स भी परीक्षा में आपको चौंका सकते हैं।
- किसी भी टॉपिक को पूरा पढ़ने के बाद उससे जुड़े बहुविकल्पीय प्रश्नों को जरूर तैयारी में शामिल करें। टॉपिक्स से जुड़े यह प्रश्न न केवल एनसीईआरटी बल्कि दूसरी किताबों से भी लिए जा सकते हैं।
- किसी भी प्रश्न को न केवल गंभीरता से पढ़ें बल्कि उसके बारे में सोचने की प्रक्रिया भी अमल में लानी चाहिए। सवाल गलत समझ आने पर निश्चित तौर पर इसका जवाब भी गलत हो सकता है।