-शहीद का बच्चा अगर एक ही शहर में अपना परीक्षा केंद्र दूसरी जगह पर शिफ्ट करना चाहता है तो सीबीएसई से उसे यह सुविधा मिलेगी।
-शहीद के बच्चे अगर अपना परीक्षा केंद्र एक शहर से दूसरे शहर में बदलना चाहता है तो सीबीएसई से उसे यह सुविधा मिलेगी।
-अगर बच्चे 10वीं या 12वीं का प्रैक्टिकल नहीं दे पाए तो उन्हें दो अप्रैल तक अलग से प्रैक्टिकल एग्जाम में बैठने का मौका दिया जाएगा।
-अगर कोई बच्चा किसी भी विषय विशेष में बाद में परीक्षा देना चाहता है तो बोर्ड उसकी बाद में परीक्षा का इंतजाम करेगा।
सीबीएसई दून ने कराई थी गंगा की अलग परीक्षा
पुलवामा हमले के शहीद मोहनलाल रतूड़ी की बेटी गंगा को पिछले साल सीबीएसई देहरादून ने 12वीं परीक्षा में विशेष लाभ दिया था। गंगा ने बाद में अलग से परीक्षा दी थी। सीबीएसई देहरादून के क्षेत्रीय अधिकारी रणबीर सिंह ने बताया कि बोर्ड ने इस बार पुलवामा के साथ ही सभी तरह की शहीदों के बच्चों के लिए यह सुविधा दी है।